रोडवेज मुख्यालय के बार-बार निर्देशों के बाद भी कई चालक-परिचालक वर्दी नहीं पहन रहे हैं। मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) राजेश वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो चालक -परिचालक वर्दी पहनकर नहीं आएं। उन्हें अनुपस्थित मानकर कार्रवाई की जाए।
कुछ वर्ष पूर्व तक रोडवेज के सभी चालक-परिचालक वर्दी पहनकर ही ड्यूटी करते थे लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे इनमें से कई इसे भूल गए। कुंभ से ठीक पहले मुख्यालय ने सभी चालक-परिचालकों को नई वर्दी के लिए कपड़ा दिया था, जो खाकी कलर का था। इसके बावजूद कई चालक-परिचालक इसे पहनने में कोताही बरतते रहे हैं। इसकी सूचनाएं लगातार मुख्यालय को जाती रही हैं। जिन्हें संज्ञान में लेते हुए मुख्यालय ने एक बार फिर निर्देश दिए हैं कि सभी चालक-परिचालक अनिवार्य रूप से वर्दी पहनकर ड्यूटी करें। इसके अलावा रोडवेज बसें अनाधिकृत ढाबों पर न ठहरें। इसकी भी लगातार जांच की जाए। जांच दल को क्षेत्र आवंटित करने को कहा गया है। इधर, आरएम एसके राय ने बताया कि वर्दी न पहनने पर कार्रवाई की जाएगी।
झांसी डिपो की 80 बसें लगीं चुनाव में
चुनाव कार्य में झांसी डिपो की 80 और उरई डिपो की 40 बसें लगी हुई हैं। यात्रियों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी न आए, ऐसे में झांसी डिपो की सभी रिजर्व बसों को संचालित कर दिया गया है। उनके फेरे भी बढ़ा दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि झांसी डिपो में करीब 146 बसों का बेड़ा है, जिनमें चार एसी बसें हैं। प्रतिदिन 100 से अधिक बसें चलती हैं। अधिकांश बसें कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती हैं।