विवाह घरों में पार्किंग बनाना जरूरी है, ताकि वाहन सड़कों पर खड़े न हों। इससे आवागमन बाधित होता है। अत: सभी विवाह घर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। अन्यथा की स्थिति में बंद करा दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को ये निर्देश जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने विवाह घर संचालकों की बैठक में दिए। इसके अलावा उन्होंने विवाह घर का जेडीए से अनिवार्य रूप से नक्शा पास कराने को कभी कहा। साथ ही विवाह घर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और निगरानी के लिए अलग से सर्विलांस रूम बनाने को भी कहा गया।
नगर निगम सभागार में विवाह घर संचालकों की बैठक में डीएम ने कहा कि विवाह घरों की वजह से सड़कों पर जाम लगता है। फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण होता है। बहुत से विवाह घरों में बिजली के मीटर नहीं लगे हैं, सजावट के अनुसार बिल नहीं दिया जा रहा है। फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की जरूरत है। चाइनीज मैट्स से आग लगने का खतरा रहता है। विवाह घर के अंदर और बाहर आने - जाने वालों के लिए पर्याप्त जगह रहनी चाहिए, स्टाफ ट्रेंड होना चाहिए, मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी विवाह घरों में चेकिंग करें और अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था कराएं। तीन से चार दिन में चेकिंग शुरू कराएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि आतिशबाजी सीमित चलाएं, हर्ष फायरिंग न हो। यदि फायरिंग होती है तो विवाह घर संचालक की जिम्मेदारी होगी। बुकिंग करते समय पूरी जानकारी दें, यदि बाद में कोई विवाद करता है तो उसकी सूचना पुलिस को दें। तत्काल कार्रवाई होगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि विवाह घर में पार्किंग अनिवार्य है। अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं, सिक्योरिटी गार्ड रखे जाएं। बारातियों पर नजर रखी जाए। रात में दस बजे के बाद डीजे न बजाया जाए, यदि शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी। विवाह घर में पार्किंग नहीं होगी तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरे अपडेट कराएं, अलग से सर्विलांस रूम बनवाया जाए और वहां पर एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाएं कि वह लगातार कैमरे पर नजर रखे। यदि कोई गड़बड़ी होती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि डिस्पोजल दोना और पत्तल पर रोक लगा दी गई है, यदि विवाह घर में इनका उपयोग होता मिला तो 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने के बाद भी सुधार न होने पर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जनरेटर मानक के हिसाब से हों और उन्हें सड़क पर न रखें, धुआं भी सड़क की ओर न जाए।
इस मौके पर अमित माहौर, प्रदीप नगरिया, अशोक जैन समेत कई विवाह घर संचालक मौजूद रहे।
नगर निगम में 94 विवाह घर दर्ज
नगर निगम के अनुसार महानगर में 94 विवाह घर दर्ज हैं, जबकि शहर में विवाह घरों की संख्या लगभग दो सौ है। ऐसे में माना जा रहा है कि अधिकांश विवाह घर कहीं पंजीकृत ही नहीं हैं। वे प्रशासन की नजरों से बचकर पैसा बटोरने में जुटे हुए हैं।
बारातों पर कसा जाएगा शिकंजा
जल्द ही बैंड बाजा वालों के साथ भी बैठक की जाएगी, ताकि बारातों की वजह से सड़कों पर जाम न लगे और कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि रात में कितने बजे तक बारातें घूम सकेंगी।
अमर उजाला ने उठाई थी समस्या
विवाह घरों में पार्किंग न होने से सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इस मुद्दे पर सिलसिलेवार ढंग से खबरें प्रकाशित की गईं थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम और एसएसपी की ओर से विवाह घरों को नोटिस जारी किए गए थे। जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेते हुए उक्त बैठक आयोजित की, जिसमें अव्यवस्था के लिए सीधे तौर विवाह घरों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।