झांसी। कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए सीएमओ कार्यालय में 30 सदस्यीय टीम को दो समूहों में कंटेनमेंट जोन के सर्वे का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह रहा कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जाता है तो जिस जगह वह रहता है, उसके आसपास के एक किलोमीटर के दायरे को प्रशासन आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 और महामारी एक्ट 1897 के अंतर्गत कंटेनमेंट जोन घोषित कर देगा।
एसीएमओ डॉ. एनके जैन ने बताया कि यदि एक ही क्षेत्र में एक से अधिक मरीज मिले तो उसके आसपास के तीन किलोमीटर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया जाएगा। जहां पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में प्रशासन ही उस क्षेत्र में रह रहे लोगों की आवश्यक सेवाओं की पूर्ति की जिम्मेदारी लेगा। वर्तमान में झांसी में एक भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति नहीं मिला है। क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मेडिकल टीम द्वारा सघन सर्वे कराकर जांच की जाएगी। टीम घर-घर जाकर लोगों से उनके परिवार के सदस्यों की संख्या के बारे में, सर्दी, खांसी या सांस लेने की समस्या के बारे में या विदेश से आगमन अथवा कोरोना प्रभावित क्षेत्र से आने की जानकारी प्रपत्र में भरेगी। आज का प्रशिक्षण पाने वाले सदस्य ऐसी स्थिति में टीम को लीड करने का कार्य करेंगे। टीम में स्वास्थ्य विभाग, राजस्व से लेखपाल और पंचायत या नगर निगम से एक-एक कर्मचारी होगा। कंटेनमेंट जोन के सर्वे के समय प्रपत्र भरने का प्रशिक्षण एपीडिमियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराधा ने दिया। इस दौरान सीएमओ डॉ. जीके निगम, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला, एसएमओ डॉ. अनार सिंह, मौजूद रहे।