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मंजूरी मिली तो झांसी में छह लाख को लगेगी कोरोना की बूस्टर डोज

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झांसी। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मद्देनजर 40 से ज्यादा उम्र और जोखिम वाले लोगों को बूस्टर डोज लगाने की मंजूरी मिलती है तो झांसी में छह लाख डोज की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, देश में वैक्सीन की कमी नहीं है, ऐसे में जल्द ही टीका मिल भी जाएगा।
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भारतीय जीनोम वैज्ञानिकों ने 40 पार और वायरस के ज्यादा संपर्क के जोखिम वाले 30 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की बूस्टर डोज लगाने की सिफारिश की है। हालांकि, सरकार राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समिति व टीकाकरण कोविड कार्यबल की अंतिम सिफारिश के बाद ही इस पर कोई फैसला करेगी लेकिन, इसकी मंजूरी दी जाती है तो झांसी में लगभग छह लाख डोज की जरूरत पड़ेगी। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, झांसी में 14.80 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जानी हैं। इसमें 45 से अधिक उम्र वाले 4.82 लाख लोग हैं। वहीं, 40 से 44 साल और गंभीर बीमारियों को मिलाकर लगभग 1.18 लाख लोग हैं। इनमें से ज्यादातर को कोरोना की दोनों डोज लग चुकी हैं।
क्या होता है बूस्टर डोज
किसी खास रोगाणु अथवा विषाणु के खिलाफ लड़ने में बूस्टर डोज शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता और मजबूत करता है। यह बूस्टर डोज उसकी वैक्सीन की हो सकती है, जिसे व्यक्ति ने पहले लिया है। बूस्टर डोज शरीर में और ज्यादा एंटीबॉडी का निर्माण करते हुए प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
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किसे लग सकता है
यह याद रखना होगा कि बूस्टर डोज उन्हीं को लगाया जा सकता है, जिन्होंने अपने टीके की पूरी खुराक ली हो। ऐसे में जिन्होंने तय समय बाद भी कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाई है, वो तुरंत लगवा लें। फिर जब बूस्टर डोज की मंजूरी मिलेगी तो 40 से ज्यादा उम्र वालों को लग सकेगी।
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