झांसी में पश्चिमी रेल टिकट घर के पास रखी मोटरसाइकिलों पर ठंड में जमीं बर्फ।
झांसी। शिमला, मनाली, नैनीताल में ही नहीं, झांसी में भी बर्फ जमने लगी है। लगातार लुढ़कते तापमान की वजह से सोमवार और मंगलवार की रात शहर में कुछ जगह खुले में खड़े वाहनों पर बर्फ जम गई। सर्दी के इस नजारे से लोग आश्चर्यचकित हैं। वहीं, ठंड के सितम से सब त्रस्त हो चुके हैं। सीने में दर्द, सांस लेने की दिक्कत, बदन अकड़ना, हाथ-पैरों में सूजन जैसी शिकायत आम हो गई हैं। ऐसी तकलीफों से जूझते हुए तीन लोगों ने दम तोड़ दिया।
इस साल सर्दी सारे रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से 65 साल का रिकॉर्ड टूट गया था। सोमवार को न्यूनतम पारा 2.2 डिग्री रहा था। मंगलवार को इसमें 0.4 डिग्री की और गिरावट आ गई और यह 1.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम 10 डिग्री रहा। दिन भर महानगर कोहरे की चादर से ढका रहा। सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी। सोमवार-मंगलवार की रात पश्चिमी क्षेत्र टिकट घर के पास रेलवे कॉलोनी में खुले में खड़े वाहनों पर बर्फ जम गई। रेलवे कर्मी सोनू ने बताया कि उनकी और तीन अन्य कर्मियों शिवा, रवि और राहुल की बाइक पर बर्फ जम गई। मंगलवार की रात भी शहर के कुछ इलाकों में ऐसा हुआ। कुदरत के इस नजारे से शहरवासी आश्चर्य में हैं। वहीं, मंगलवार को भी सर्दी की वजह से जनजीवन ठहर सा गया।
उधर, ठंड से मौत का सिलसिला भी नहीं रुक रहा है। बाहर दतिया गेट निवासी गुलाम गौस खां पार्क के पीछे निवासी शिक्षक देवेंद्र खरे (52) को सोमवार देर रात सीने में दर्द शुरू हो गया था। गर्म तेल से परिजनों ने उनकी मालिश की। सुबह मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां से वह एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भेल परिसर निवासी डीएस ध्रुव (72) की मंगलवार की सुबह अचानक कंपकंपी शुरू हो गई। उन्हें भेल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पुत्र जितेंद्र ने बताया कि सर्दी लगने के कारण उनके पिता की तबीयत खराब हो गई थी। बड़ागांव क्षेत्र के गढ़मऊ स्थित ग्रामीण बैंक के सामने 45 वर्षीय महिला ने सर्दी लगने के चलते दम तोड़ दिया। महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
उधर, गरौठा तहसील के मढ़ा गांव में ठंड से दस गायें मर गईं। क्षेत्र में काफी अन्ना गोवंश घूम रहे हैं। यहां पर कोई गोशाला नहीं है। सुबह लोगों ने देखा कि अलग-अलग स्थानों पर ग्यारह गायें मरीं पड़ीं थीं। इसके बाद लोगों ने प्रधान को सूचना दी। उन गायों को गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। इसी तरह, समथर में ठंड लगने से छह गायों की मौत हो गई। इसमें से चार गायें किसानों की और दो छुट्टा थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई गोआश्रय स्थलों में गायों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलवाए जा रहे हैं।