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ये कैसी सोसाइटी, न कोई ऑफिस, न कोई बोर्ड

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डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रही कंपनी के पते पर झांसी में बना मकान।
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झांसी। कूड़ा कलेक्शन के नाम पर नगर निगम में बड़े-बड़े खेल चल रहे हैं। नियमों और कानूनों का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारियों ने ऐसी कंपनियों को कूड़ा कलेक्शन का जिम्मा दे दिया, जिनका कोई वजूद ही नहीं है। महज कागजों पर ही कंपनियां स्वच्छता मिशन को अंजाम दे रही हैं। अमर उजाला टीम ने कंपनियों के पतों पर पहुंचकर पड़ताल की, तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। पते पर न कोई आफिस था और न ही बोर्ड लगा मिला।
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आगरा नगर निगम में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगी कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सोमवार को अमर उजाला टीम प्रेमगंज की मैसर्स सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड वेलफेयर फॉर ऑल के पते पर पहुंची। यहां पर एक आलीशान मकान बना हुआ है। आसपास के लोगों से बात की, तो उन्होंने भी ऐसी किसी कंपनी का आफिस या कंपनी संचालित होने की जानकारी से इनकार किया। कंपनी के पते में दिए गए मकान नंबर 410/17 के गृहस्वामी से बात की गई, तो उन्होंने भी किसी कंपनी के संचालन से बात को नकार दिया। इससे साफ है कि अफसरों ने कंपनियों की हकीकत को जाने बिना करोड़ों के काम सौंप दिए। बताया यह भी जाता है कि सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड वेलफेयर फॉर ऑल झांसी नगर निगम में भी कूड़ा कलेक्शन का काम कर रही है। साथ ही, यहां भी कंपनी को जिस वार्ड में कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं कंपनी ने अपना पता बताया। झांसी और आगरा नगर निगम में एक ही कंपनियोें से अनुबंध होने से साफ है कि अफसरों ने कूड़े के नाम पर भी करोड़ों के घालमेल में खूब साथ दिया है।
घरों से ही चलता है काम
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए अधिकृत की गईं कंपनियों का काम घर से ही चलता है। कंपनियों के संचालकों ने घर का पता लिखकर फर्मों को पंजीकृत करा लिया है। फर्म को काम देने के दौरान भी कंपनी की हकीकत के बारे में नगर निगम अफसरों ने पुष्टि नहीं की।
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पार्षद की शिकायत पर दिया गया था नोटिस
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। वार्ड नंबर 36 के पार्षद उमेश जोशी ने एक साल पहले प्रेमगंज में संचालित कंपनी की शिकायत की थी। जिसके बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कंपनी को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे थे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। मामले में नगर निगम अधिकारियों ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। पार्षद ने बताया कि डोर टू डोर में लगी कंपनियों ने अधिकारियों से सांठगांठ कर रखी है। स्मार्ट सिटी का ख्वाब दिखाने वाले अफसर मनमानी पर उतारू हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
पांच साल पहले कंपनियों से अनुबंध किया गया था। झांसी में काम कर रहीं कंपनियों के अनुबंध खत्म हो चुके हैं। नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस बार कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनियों की पूरी जवाबदेही तय की जाएगी।
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मनोज कुमार सिंह, नगर आयुक्त
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