रियल एस्टेट कारोबार में जान फूंकने के लिए सर्किट रेट में कमी की तैयारी है। सर्किल रेट में संशोधन कर नई सूची जारी कर दी गई है। इस पर 20 अप्रैल तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद नई रेल लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
पिछले दो साल से रियल एस्टेट कारोबार धरातल पर है। जमीन - मकान की खरीद फरोख्त काम एक थमी सी हुई है। इससे सरकार को स्टांप ड्यूटी के रूप में मिलने वाले राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसमें जान फूंकने के लिए सर्किट रेट को कम करने का मसौदा तैयार किया गया है, जिससे जमीन - मकान की कीमतों में भी कमी आएगी। खासतौर पर उन नवविकसित क्षेत्रों के सर्किल रेट कम किए जा रहे हैं, जहां पहले रियल एस्टेट कारोबार में बूम था। नए सर्किल रेट की सूची जारी कर दी गई है। नए रेट पर कोई भी व्यक्ति आपत्ति और सुझाव उप निबंधक, सहायक महानिरीक्षक निबंधन और जिला निबंधक कार्यालय में 20 अप्रैल तक दर्ज करा सकता है। इनका निस्तारण कर नई रेट लिस्ट जारी कर दी जाएगी।