झांसी। नगर निगम को भी कोरोना ने तगड़ी चपत लगाई है। हाउस टैक्स वसूली नहीं होने से इस बार उसकी झोली करीब खाली रह गई। वित्तीय वर्ष खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है, लेकिन बड़ी रकम अब तक बकाया है। होटल एवं अस्पताल भी टैक्स अदा नहीं कर रहे।
हाउस टैक्स नगर निगम की आय का सबसे बड़ा जरिया होता है, लेकिन, इस बार अधिक वसूली नहीं हो रही। चालू वित्तीय वर्ष के लिए करीब 25 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन वसूली काफी पीछे है। भवन स्वामियों के साथ ही व्यवसायिक भवनों से भी टैक्स वसूली नहीं हो पा रही। फरवरी में होटलों का 2.76 करोड़ रुपये बकाया हो चुका। कुल 71 होटलों से बकाया वसूली होनी है। इसी तरह अस्पतालों से 2.56 करोड़, नर्सिंग होम से 15.04 लाख एवं मैरिज हाल पर 1.84 करोड़ रुपये बकाया है। इनसे वसूली में निगम अफसरों के को पसीना छूट रहा है। इसी तरह सरकारी भवनों की भी बकायादारी चल रही है।
महापौर ने व्यवसायिक टैक्स वसूली बढ़ाने के दिए निर्देश
महापौर रामतीर्थ सिंघल ने शनिवार को कर वसूली की समीक्षा करते हुए वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने वसूली कम होने पर नाराजगी जताते हुए समयबद्ध तरीके से वसूली तेज करने को कहा। उन्होंने व्यवसायिक टैक्स की वसूली बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही इसे अलग-अलग श्रेणी में वर्गीकृत करने के निर्देश दिए। बैठक में उपनगर आयुक्त अमित कुमार सिंह, कर निर्धारण अधिकारी हरगोविंद यादव समेत कर निरीक्षक मौजूद रहे।