दिवाली मनाने के बाद अब लौटने वालों की भीड़ ट्रेनों में उमड़ने लगी है। दूसरे दिन भी ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही। आलम यह रहा कि सभी ट्रेनें हाऊसफुल रहीं। इससे सफर करने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिवाली पर लगातार चार दिन की छुट्टी होने के कारण लोग अपने-अपने घर आ गए थे। सोमवार से सभी सरकारी कार्यालय व स्कूल खुल जाएंगें। ऐसे में लौटने वालों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। रविवार को सभी ट्रेनें पूरी तरह हाऊसफुल रहीं। नई दिल्ली की तरफ जाने वाली डाउन की केरला एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से लेकर सभी ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं थी। सभी ट्रेनों में लंबी-लंबी वेटिंग लिस्ट आ रही है। स्लीपर के अलावा जनरल कोचों के हालात तो और भी बदतर रहे। इनमें सफर करना तो दूर प्रवेश करना भी मुश्किल बना हुआ है। इसके साथ ही वीआईपी ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस में वेटिंग क्लीयर नहीं हुई है। यात्री तत्काल पाने के लिए उमड़े, लेकिन यहां भी उनको मायूसी ही हाथ लगी।
रात भर जागे, नहीं मिला तत्काल टिकट
तत्काल टिकट पाने के लिए अधिकांश लोगों ने अपनी रात स्टेशन पर ही गुजारी, लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं मिला। सुबह तत्काल टिकट पाने के लिए किसी तरह टोकन तो पा लिया, लेकिन नंबर आते ही चंद सेकंडों में सीट फुल होने के कारण निराशा हाथ लगी।
कोटे के लिए लगी रही भीड़
वीआईपी कोटे से सीट पाने के लिए भी भीड़ लगी रही। एक ट्रेन में स्लीपर व वातानुकूलित मिलाकर आठ से दस बर्थों का कोटा रहता है। लोग सीट पाने के लिए अफसरों से जुगाड़ लगाते रहे।