अंदर ओरछा गेट कुष्टयाना में कोरोना के नो मामले सामने आने पर पूरे इलाके को सैनिटाइजर किया जा रहा ह?
झांसी। दबे पांव पैर पसारता जा रहा कोरोना किससे फैला है, यह ढूंढना मुश्किल हो रहा है। डॉक्टरों को पूछताछ के दौरान तीनों परिवार के मरीजों ने एक-दूसरे से नहीं मिलने की बात कही है। इसके अलावा न किसी की ट्रेवल हिस्ट्री निकलकर सामने आई है और न ही किसी ने बाहर से आने वाले व्यक्ति से संपर्क करने की बात कही है। ऐसे में अब यह पता करना मुश्किल हो रहा है कि ओरछा गेट अंदर कोरोना वायरस का वाहक आखिर कौन है। डॉक्टरों का भी मानना है कि यदि इन लोगों को एक-दूसरे से कोरोना नहीं हुआ तो कुछ और नए मरीज सामने आ सकते हैं।
ओरछा गेट अंदर छनियापुरा मुहल्ले के जो पांच कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं उनमें एक 30 वर्षीय विकलांग व्यक्ति भी है। विकलांग चलने-फिरने में असमर्थ है। दिनभर वह घर में रहता है। परिजन रोज उसे सुबह 7:30 से 9:30 बजे और शाम को 6:30 से 8:30 बजे तक घर के चबूतरे पर बैठा देते थे। वहीं, दो बच्चे और एक महिला भी घर से ज्यादा बाहर नहीं निकलते थे। एक अन्य वृद्ध ने भी चबूतरे पर ही बैठने की बात कही है। हालांकि, सभी तीनों परिवार के मरीजों ने एक-दूसरे और पहले मिले चार कोरोना संक्रमित लोगों से मुलाकात नहीं होने की बात बताई है। ऐसे में डॉक्टरों का भी मानना है कि यदि इन लोगों को एक-दूसरे से कोरोना वायरस नहीं फैला है तो क्षेत्र में कुछ और लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। इसके मद्देनजर जांच सैंपल लेने की प्रक्रिया और तेज कर दी गई है।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
- क्या वायरस का वाहक कोरोना पॉजिटिव मिली पहली महिला का बेटा है, जिसने बाहर से आने वाले श्रमिकों को खाना खिलाया था?
- ओरछा गेट अंदर के मुहल्लों में लॉकडाउन के दौरान लोग चबूतरों पर बैठकें करते रहे तो क्या एक से कई लोगों में कोरोना वायरस पहुंचा?
- क्या कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छुपा रहा है? क्या कोई जिले से बाहर गया या फिर कोई व्यक्ति बाहर से उनके घर पर आया है?
- अब तक की जांच में किसी में भी एक से दूसरे में कोरोना फैलने की बात सामने नहीं आई है, तो क्या कुछ और कोरोना संक्रमित हैं, जिनमें लक्षण नहीं दिख रहे?