झांसी। कोरोना की पहली लहर में महानगर के लगभग 12 होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। संक्रमित मरीजों के साथ ही मेडिकल स्टॉफ को भी इन्हीं होटलों में रखा गया था। लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक होटल संचालकों का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे उनकी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि फंस गई है।
पिछले साल संक्रमण की पहली लहर के दस्तक देते ही मरीजों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा होता चला जा रहा था। अस्पतालों में बेड कम पड़ गए थे। इस पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर के कई अस्पतालों के साथ ही होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। कम लक्षण वाले मरीजों को भर्ती करने के लिए शहर के होटलों को क्वारंटीन सेंटर में तब्दील कर दिया गया था। उनकी निगरानी के लिए होटल में मेडिकल टीम की तैनाती गई थी। क्वारंटीन सेंटर होने के कारण डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ भी घराें पर जाने से परहेज कर रहे थे। इस दौरान पूरा समय होटल में ही व्यतीत करते थे। होटल में कमरे के साथ ही खाने पीने तक की जिम्मेदारी होटल प्रबंधन के जिम्मे थी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को होटलों का भुगतान किया जाना था। लेकिन लगभग एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी होटल संचालकों का भुगतान नहीं हो सका है।
इस संबंध में अपर स्वास्थ्य निदेशक अल्पना बरतारिया ने बताया कि इस संबंध में सीएमओ से जानकारी ली जाएगी। भुगतान नहीं होने की दशा में भुगतान की प्रक्रिया को शुरू कर जल्द ही भुगतान किया जाएगा।