झांसी। नगर निगम व नगर निकायों में लगने वाले यूनीपोल और होर्डिंग के नाम पर होने वाले घालमेल पर लगाम लगाने के लिए विज्ञापन व्यवस्था को ऑनलाइन करने की तैयारी हो रही है। शासन स्तर से इसके लिए मॉड्यूल तैयार किया जाएगा। जिसके बाद सारी सेवाएं नगर विकास विभाग के ई-नगर सेवा पोर्टल से लिंक हो जाएंगी। पोर्टल पर विज्ञापनों से निकायों को होने वाली आय, आवंटन और दरों की पूरी जानकारी रहेगी।
नगर विकास विभाग ने जनता से जुड़ी सभी सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। निकायों में केवल विज्ञापन ऐसा विभाग जिसकी सेवाएं अब तक ऑनलाइन नहीं है। निकायों में विज्ञापन के नाम पर बड़े घालमेल होते हैं। निकायों में मनमाने तरीके से विज्ञापनों के लिए टेंडर किए जाते हैं। साथ ही कंपनियां कई बार निकायों का कर भी अदा नहीं करतीं। नगर विकास विभाग की निदेशक डॉ. काजल ने इसे लेकर ऑनलाइन व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद महानगर में नगर निगम की अनुमति से लगाए गए होर्डिंग, यूनीपोल, कैंटीलीवर का पूरा रिकार्ड ऑनलाइन होगा। ऑनलाइन व्यवस्था के बाद यह पता लगाना आसान होगा कि महानगर और नगर निकायों में कितने अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। वहीं हर साल निकाय को विज्ञापन कंपनियां भुगतान कर रही हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी ऑनलाइन होगी। इसे लेकर शासन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं जिले की नगर निकायों से भी होर्डिंग और यूनीपोल का विवरण मांगा गया है। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
एक कंपनी का मामला अब तक अटका
महानगर में करीब दो साल पहले नगर निगम ने विज्ञापन के लिए दिल्ली की एक कंपनी से अनुबंध किया था। शुरुआत में कंपनी ने पैसा जमा किया। इसके बाद नगर निगम ने कंपनी को नोटिस दिया, तो मामला अदालत चला गया। जहां से कंपनी के पक्ष में फैसला होने के बाद नगर निगम ने 69 लाख रुपये जमा करने के लिए कंपनी को नोटिस दिया है। कंपनी ने आज तक पैसा नहीं किया है। मामले को लेकर कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं।