झांसी। रेलवे अस्पताल कीओपीडी में इलाज के लिए रेल कर्मचारियों को अब अनिवार्य तौर पर उम्मीद कार्ड का इस्तेमाल करना होगा। नई व्यवस्था एक जनवरी से लागू हो जाएगी। जिन कर्मचारियों के पास उम्मीद कार्ड नहीं होगा, उनको ओपीडी की सुविधा नहीं मिलेगी।
पूरे देश के रेलवे अस्पतालों को एक ग्रिड से जोड़ने के लिए एचआईएमएस (हेल्थ इन्फोर्मेशन एंड मेडिसिन सिस्टम) विकसित किया जा रहा है। इसमें सभी मरीजों का रिकार्ड ऑनलाइन माध्यम से दर्ज होगा। मरीज को डॉक्टरों का पर्चा भी साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं। अपने रजिस्ट्रेशन नंबर की बदौलत वह किसी रेल अस्पताल के डॉक्टर से परामर्श हासिल कर सकेंगे। रेल अफसरों का कहना है इसके लिए सभी रेल कर्मियों को उम्मीद कार्ड दिया गया है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी यह कार्ड दिया गया है। इससे मंडल के 65 हजार रेल कर्मचारी, उनके परिवार समेत करीब 20 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। उम्मीद कार्ड की मदद से किसी भी रेल अस्पताल में इलाज कराया जा सकेगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे बोर्ड के निर्देश के मुताबिक अब अनिवार्य तौर पर एक जनवरी से इस कार्ड के माध्यम से ही उपचार किए जाने की व्यवस्था लागू की जा रही है।