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होलिका दहन के साथ शुरू हुई रंगों की बारिश

Fri, 02 Mar 2018 05:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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संस्कृति - फोटो : demo
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फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा की रात पर महानगर में जगह - जगह होलिका दहन हुआ। लपटों के आसमान में उठने के साथ ही लोगों ने पूजा की और इसके बाद खूब अबीर - गुलाल उड़ाया। एक दूसरे को रंग लगाकर पर्व की बधाईयां दी। इस दौरान होली के गीतों पर युवा जमकर थिरके। मौज मस्ती का यह दौर देर रात तक चलता रहा। वहीं, शुक्रवार एवं शनिवार को भी होली खेली जाएगी। पर्व की तैयारियां सुबह से ही घर - घर होने लगीं थीं। परंपरागत पकवान गुजियां, पपड़ी व खस्ता बनाने में महिलाएं पूरे दिन व्यस्त रहीं। वहीं युवा और बच्चों की टोलियां मुहल्लों व सार्वजनिक स्थलों पर होलिका का दांडा व लकड़ी क ो जमाने में लगे रहे। दोपहर बाद महिलाओं ने होलिका दहन से पूर्व पूजा की। गोबर के बरबूले चढ़ाए और प्रसाद लगाकर सुख समृद्धि की कामना की। देर शाम होते ही शुभ मुहूर्त में घास मंडी व पंचकुइयां मंदिर के सामने होलिका का दहन हुआ। इसके बाद लोगों ने यहां से अग्नि लेकर अपने - अपने इलाकों में होलिका जलाई। महानगर के शहर, सीपरी, सदर, नगरा में 684 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन हुआ। इधर, गांधी रोड स्थित श्री गोपाल जी महाराज मंदिर के सामने वैदिक मंत्रों के बीच होलिका दहन हुआ। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे क ो रंग गुलाल लगाया। इस अवसर पर राधे चौबे, अशोक तिवारी, कल्लू चौरसिया आदि मौजूद रहे। बड़ा बाजार के मालिनों का चौराहा पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने रघुवीर शरण शास्त्री, शिवम नायक ने विधि विधान से होलिका दहन किया। इसके बाद युवाओं ने ढोल नगाढ़ों की धुन पर जमकर नृत्य किए। पवित्र होती है है होली की राख होली की राख पवित्र मानी जाती है। धर्माचार्य हरीओम पाठक के अनुसार होली की राख को सुबह श्रद्धालु भभूति के रूप में छान कर डिब्बी में रख लें, यह घर के बच्चों को बुरी नजर से बचाती है। छानने के बाद बची राख को किसी पेड़ में डाले। एरंड के पेड़ की रही डिमांड होलिका दहन में लगने वाला एरंड का पेड़ बृहस्पतिवार को 200 रुपये से पांच सौ रुपये तक में बिका। जिसकी बेहद मांग रही। इसके अलावा लकड़ी भी 350 रुपये क्विंटल से लेकर 450 रुपये क्विंटल के बीच बिकी। कई जगह लोगों ने होलिका में गोबर के कंडे भी लगाए और कपूर का इस्तेमाल किया। खूब बिकीं गुजिया बाजारों में मावा - मैदा से बनी गुजियों की बृहस्पतिवार को जमकर बिक्री हुई। चांदी की वर्क लगी शुद्ध घी से बनी गुजिया 380 रुपये, तो वनस्पति घी से बनी गुजिया 240 एवं 280 रुपये किलो तक में बिकी। बच्चों को भाए मुखौटे बृहस्पतिवार को बाजारों में खासी भीड़ रही। रंग - गुलाल की सभी छोटी - बड़ी दुकानों पर बच्चों व युवाओं की खासी भीड़ रही। इसके अलावा बालों के रंग बिरंगे विग और मुखौटों की खूब मांग रही। बड़ा बाजार, बिसाती बाजार, दतिया गेट, मानिक चौक, उन्नाव गेट रोड, सागर गेट, सीपरी बाजार, सदर बाजार, नगरा सहित अन्य सभी स्थानों पर छोटी - बड़ी दुकानें लगी रहीं। बड़ा बाजार में रंग विक्रेता रामलाल के अनुसार बाजार ठीक चला। गरीब बच्चों के साथ खेली होली होली के उपलक्ष्य में समर्पण सेवा समिति के सदस्याओं ने सखीपुरा पिछोर स्थित बस्ती में जरूरतमंद बच्चों को पिचकारी, गुलाल व गुजिया वितरित की गयी। अपर्णा दुबे, रिक्की चावला, राजीव कुमार, सारिक ा मल्होत्रा, सुधा राय, दीपा जैन ने बच्चों के साथ होली खेली। इधर, बुंदेलखंड युवा समृद्धि संस्थान की ओर से धर्माचार्य हरीओम पाठक, मंयक श्रीवास्तव, महेश उपाध्याय झुग्गी झोपड़ियों में जाकर बच्चों को मिठाई और गुलाल वितरित किए। होली पर आज दोपहर 12 बजे: जनरल मर्चेंट व्यापार संघ की ओर से होली मिलन समारोह कुंज वाटिका में। दोपहर 3 बजे: श्रीमंत गंगाधर राव स्मृति राष्ट्रीय समारोह समिति द्वारा महाराजा गंगाधर राव की समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा, विचार गोष्ठी व बुंदेली विभूतियों का सम्मान। दोपहर 3:30 बजे: अग्रवाल महिला मंडल सीपरी बाजार द्वारा रस बहार वाटिका में कार्यक्रम। शाम 6 बजे : श्री गहोई वैश्य पंचायत झांसी द्वारा खत्रयाना स्थित गोविंद जी महाराज के मंदिर में फूलों व चंदन की होली। परमा आज और भाईदूज कल शुक्रवार मार्च को परमा मनायी जाएगी। जबकि, तीन मार्च शनिवार को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं घर के दरवाजे पर पूजा क रेंगी। इसके बाद बहनें अपने भाई का तिलक कर उनके सुखद जीवन की कामना ईश्वर से करेंगी। इसके अलावा व्यापारी अपनी दुकानों की पूजा करेंगे।
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