झांसी। एड्स का ऐसे तो कोई इलाज नहीं है लेकिन यदि कोई व्यक्ति एचआईवी के संभावित संक्रमण में आता है तो एआरटी सेंटर पर जाकर पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस (पीईपी) दवा की पहली डोज 72 घंटे के अंदर ले ले। 28 दिन तक लगातार यह दवा लेने से एड्स के प्रभाव को खत्म किया जा सकता है। यह जानकारी टीबी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ललित मोहन ने दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 अप्रैल से अब तक 45 लोगों को इस दवा से एड्स से बचाया गया है।
टीबी अधिकारी डॉ. राजकिशोर ने बताया कि जिले में वर्ष 2018-19 में 231, वर्ष 2019-20 में 262 और वर्ष 2020-21 में अब तक 65 नए एड्स मरीज मिले हैं। इनमें से 534 मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी से दवा ले रहे हैं। वर्ष 2018-19 में 34, वर्ष 2019-20 में 36 और वर्ष 2020-21 में अब तक आठ लोग एड्स से अपनी जान गंवा चुके हैं।
यहां कराएं जांच
जिले में एड्स की जांच के लिए 6 आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) बने हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं में इसकी जांच के लिए 2 पीपीटीसीटी (प्रिवेंटिंग पेरेंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन) सेंटर भी बने हैं।