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Jhansi News: 33 साल पुराने लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर ‘काली सरकार’ गिरफ्तार

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प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार को पुलिस ने पकड़ा l - फोटो : सीसीटीवी फुटेज
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झांसी। हरदोई में लूट के करीब 33 साल पुराने मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज रविवार को मऊरानीपुर और हरदोई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार हो गया। वह मऊरानीपुर के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से पिछले करीब 22 साल से अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। हरदोई में दर्ज दो मामलों में न्यायालय उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर चुका था। इसके बावजूद पुलिस को चकमा देते हुए यहां छुपा हुआ था।
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हरदोई जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हरदोई में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 1993 में लूट का मामला भी दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी प्रदीप के खिलाफ वर्ष 2014 में चार्जशीट लगा दी। कई तारीखें लगने के बावजूद काली सरकार बनकर झांसी में रह रहा प्रदीप हाजिर नहीं हुआ। एक दूसरे मामले में भी कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया। प्रदीप पुलिस को चकमा देता रहा।
प्रदीप बन बैठा काली सरकार
पुलिस अफसरों के मुताबिक करीब 22 साल पहले हरदोई से भागकर प्रदीप झांसी पहुंचा। यहां लहचूरा में अपना ठिकाना बनाया और पहचान बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार बन बैठा। दो साल से मऊरानीपुर के कुरैंचा गांव में आश्रम बनाकर रहता था। यहां नियमित दरबार लगाता था। एक मामले की छानबीन के दौरान झांसी पुलिस को उसकी असल पहचान का पता चल गया। रविवार को हरदोई पुलिस के साथ साझी कार्रवाई करते हुए मऊरानीपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हरदोई पुलिस उसे अपने साथ लेकर रवाना भी हो गई।
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आर्मी जैसी पोशाक पहनकर लगाता था दरबार, मध्य प्रदेश के मंत्री भी शिष्य
दरबार में तीन हजार से अधिक लोग होते थे शामिल, इंस्टाग्राम पर एक लाख से अधिक फॉलोअर्स
कुरैंचा गांव में आश्रम बनाने के कुछ समय के भीतर ही उसने आसपास के इलाकों में अपनी पकड़ बना ली। उसके शिष्यों में मध्य प्रदेश के मंत्री तक शामिल हैं। यहां काली सरकार के नाम से नियमित दरबार लगाता था। इसमें नियमित हाजिरी लगाने वालों ने बताया कि काली सरकार आर्मी जैसी पोशाक पहने का शौकीन था। इसी ड्रेस को पहनकर आश्रम में आने वालों से मिलता भी था। आश्रम में काफी भीड़ होती थी। दरबार में करीब तीन हजार लोग आते थे। शुक्रवार को पहले दरबार लगता था। भीड़ बढ़ने की वजह से उसने शनिवार एवं रविवार को भी दरबार लगाना शुरू कर दिया था। स्थानीय लोगों के लिए खास तौर से बुधवार को दरबार लगाता था। ललितपुर समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों से लोग पहुंचते थे।
पर्ची निकालकर बताता था भविष्य
पर्ची निकालकर भविष्य बताने के साथ ही उनकी समस्याएं दूर करने का दावा करता था। उसके बीमारियां ठीक कर देने के दावों की वजह से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से भी लोग यहां आते थे। काली सरकार के नाम से प्रदीप शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर अकाउंट भी बना रखा था। इसमें उसके फॉलोवर्स की संख्या करीब एक लाख थी। नवरात्र में भी उसके आश्रम में भव्य दरबार लगाने की तैयारी थी लेकिन, उसके पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद दरबार को नौ दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। उसकी गिरफ्तारी की सूचना पर मध्य प्रदेश के कुछ मंत्री भी उसे छोड़ने केे लिए पैरवी करने में जुटे रहे।

शिकायत के बाद जांच कराने पर खुली पोल
आरोपी सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के खिलाफ कुछ स्थानीय लोगों ने ही धमकाने एवं गाली-गलौज की शिकायत की थी। एसएसपी तक भी यह शिकायत पहुंची थी। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कराई। करीब चार-पांच दिन पहले आरोपी सत्यानंद को मऊरानीपुर थाने भी बुलाया गया था। यहां उससे पूछताछ भी की गई। पूछताछ के दौरान उसके मूल निवास स्थान का पता चला। उसकी गतिविधियों पर शक होने की वजह से एसएसपी ने निर्देश पर पुलिस टीम ने हरदोई पुलिस से संपर्क साधा। हरदोई पुलिस के रिकॉर्ड में वह हिस्ट्रीशीटर बदमाश के तौर पर दर्ज मिला। एसएसपी विकास कुमार ने हरदोई में पुलिस अफसरों से बात की। इसके बाद आरोपी सत्यानंद की गिरफ्तारी की रूपरेखा तय हुई।

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पिछले करीब 22 साल से आरोपी प्रदीप अपनी पहचान छुपाकर यहां रह रहा था। इसका पता चलने पर हरदोई पुलिस से संपर्क किया गया। उसके आपराधिक रिकॉर्ड का भी पता चला। दो स्थाई वारंट पर हरदोई पुलिस उसे गिरफ्तार करकेे अपने साथ लेकर गई है। मामले की स्थानीय स्तर पर भी जांच कराई जा रही है।
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विकास कुमार, एसएसपी
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