झांसी आएंगे तो भव्य प्रवेश द्वार देखते रह जाएंगे!
झांसी। बाहर से आने वाले लोगों को शहर के नजदीक आते ही इसके ऐतिहासिक होने की झलक नजर आने लगेगी। इसके लिए चार प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, जो पुरातात्विक शैली से बनाए जाएंगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर झांसी विकास प्राधिकरण योजना का खाका तैयार करने में जुटा हुआ है।
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की गौरवगाथा के चलते झांसी की गिनती देश के चुनिंदा ऐतिहासिक शहरों में होती है। झांसी का किला और रानी महल अपने गौरवपूर्ण इतिहास की गाथा सुनाता नजर आता है। इतिहास की ये झलक अब शहर में प्रवेश करते ही नजर आने लगेगी। इसके लिए मऊरानीपुर, कानपुर, ग्वालियर और शिवपुरी रोड पर विशाल प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। खास बात ये होगी कि ये प्रवेश द्वारा पुरातात्विक शैली में बनाए जाएंगे। किला जिस तरह के पत्थरों से बना हुआ है, उसकी तरह के पत्थरों से ये प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। ये प्रवेश द्वार पर्यटन विकास को ध्यान में रखते हुए बनाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) को सौंपी है। जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि प्रवेश द्वार बनाने के लिए जगह चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। ये स्टेट हाइवे पर बनाए जाएंगे। जल्द इनका खाका तैयार कर लिया जाएगा।
पालीटेक्निक की निष्प्रयोज्य भूमि होगी उपयोगी
झांसी। ग्वालियर रोड पर राजकीय पालीटेक्निक कालेज के परिसर में विशाल भूखंड है। इसमें आधे का इस्तेमाल तो खेल गतिविधियों में होता है, लेकिन आधा हिस्सा निष्प्रयोज्य अवस्था में पड़ा हुआ है। लेकिन, अब इसे संवारा जाएगा। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने जेडीए को इस भूमि पर पार्क या स्टेडियम निर्माण का प्लान तैयार करने को कहा है। जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि पालीटेक्निक कालेज के प्राचार्य से भूमि के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। ये मिलते ही योजना तैयार कर ली जाएगी।