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जानवर कटने से रोक दिया गया था ट्रायल

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highspeed train trial stopped
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झांसी। रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) के अफसरों ने मंगलवार को धौलपुर से झांसी के बीच 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने का ट्रायल इंजन से जानवर कटने के कारण आंतरी स्टेशन पर रोक गया था। इस कारण ट्रेन झांसी तक नहीं आ सकी थी। अफसरों ने कहा पटरियों की सुरक्षा बिना हाई स्पीड ट्रेन चलाना संभव नहीं है। पटरियों के पास दीवार या अन्य कोई बेरीकेडिंग लगना जरूरी है।
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रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से कटरा के बीच चलने वाली हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह अन्य ट्रैकों पर भी तेज गति वाली गाड़ियां दौड़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आरडीएसओ के अफसर लगातार अलग- अलग ट्रैकों की पटरियों की जांच कर रहे हैं। मंगलवार को इसी पहल के तहत आरडीएसओ के अधिकारियों ने धौलपुर से झांसी के बीच (163 किलोमीटर) ट्रायल की प्लानिंग की थी। दोपहर 11.45 बजे धौलपुर से आरडीएसओ की कार और उसके पीछे एलएचबी के दो वातानुकूलित कोचों को जोड़कर हाई स्पीड से दौड़ाया गया। अधिकतम गति 159 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। मगर, ट्रायल को दोपहर 1.30 बजे धौलपुर से 76 किलोमीटर दूर स्थित आंतरी स्टेशन पर जानवर कटने के कारण अग्रिम आदेश तक निरस्त कर दिया गया।
हर महीने कटते हैं जानवर
दिल्ली मुंबई मुख्य ट्रैक पर झांसी रेल मंडल के अंतर्गत धौलपुर से झांसी तक का सेक्शन आता है। इस सेक्शन में हर महीने ट्रेनों से 25 से 30 जानवर कटने का आंकड़ा बना रहता है। अक्सर जानवर का मांस इंजन में फंसने से वह खराब हो जाते हैं। ऐसे में कई ट्रेनें लेट हो जातीं हैं। पटरियों पर जानवर न जाएं, इसके लिए आरपीएफ आसपास के गांवों जागरूकता अभियान चलाती रहती है, लेकिन घटनाएं कम नहीं हो रहीं हैं। हालांकि, रेल प्रशासन ने पटरियों के पास दीवार या बेरीकेडिंग लगाने के काम शुरू किया था, लेकिन तीसरी रेल लाइन के काम के चलते इस काम पर ब्रेक लगा हुआ है।
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