-तालपुरा फीडर में 43 लाख यूनिट की बिलिंग नहीं, नारायण बाग फीडर में 30 लाख यूनिट का लाइन लॉस
संवाद न्यूज़ एजेंसी
झांसी। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तमाम प्रयासों के बावजूद बिजली चोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। गल्ला मंडी विद्युत गृह क्षेत्र के तालपुरा फीडर और उनाव गेट विद्युत गृह के नारायण बाग फीडर को उच्च लाइन क्षति की श्रेणी में चिह्नित किया गया है। आगरा स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय ने इन्हें अधिक बिजली क्षति वाले फीडर घोषित किया है।
नगरीय क्षेत्र के गल्ला मंडी विद्युत गृह के तहत आने वाले तालपुरा फीडर को दक्षिण निगम लिमिटेड के आगरा मुख्यालय ने उच्च बिजली क्षति में चिह्नित किया है। निगम ने इस फीडर को 9.8 दस लाख यूनिट बिजली बेची थी। यहां बिलिंग केवल 5.5 दस लाख यूनिट की ही हुई। इस प्रकार 4.3 दस लाख यूनिट यानी 43 लाख यूनिट बिजली का पैसा निगम को नहीं मिला। यहां तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली चोरी हुई है, जिससे 45 फीसदी का नुकसान हुआ।
उनाव गेट विद्युत गृह के नारायण बाग फीडर की स्थिति भी समान रही। निगम ने इस फीडर को 6.3 दस लाख यूनिट बिजली बेची, जिसमें से केवल 3.2 दस लाख यूनिट बिजली का ही पैसा मिला। यहां 48 फीसदी लाइन क्षति हुई, जिससे दो करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली चोरी हुई। कुल मिलाकर दोनों फीडरों से पांच करोड़ रुपये से अधिक की बिजली चोरी हुई है।
चोरी वाले इलाके
बताया गया है कि तालपुरा इलाके में इस फीडर के तहत कसाई मंडी, बकरा मंडी और मछली बाजार जैसे क्षेत्र आते हैं। इसके अतिरिक्त, नारायण बाग फीडर में अलीगोल, सूजे की खिड़की और खत्रियाना समेत अन्य मोहल्ले व बस्तियां शामिल हैं। ये सभी क्षेत्र बिजली चोरी के लिए चिह्नित किए गए हैं।
आगे की कार्रवाई
अधिशासी अभियंता वाणिज्यिक खंड दो रविंद्र कुमार ने बताया कि शहर के तालपुरा और नारायण बाग फीडर को आगरा से उच्च लाइन क्षति वाले क्षेत्रों में चिह्नित किया गया है। इन इलाकों में बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं की गहन जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।