- टेंडर के नियमों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए फर्म पहुंची हाईकोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलकर्मी और उनके आश्रितों के इलाज के लिए रेलवे अस्पताल द्वारा बाजार से मंगाई जाने वालीं दवाओं की सप्लाई के टेंडर पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। टेंडर की शर्ताें को लेकर तीन फर्मों के याचिका दायर करने के बाद हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया है। अब मरीजों के लिए आगरा रेलवे अस्पताल से दवाएं मंगवाई जा रहीं हैं।
मंडलीय रेलवे अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। इनमें रेलकर्मी, सेवानिवृत्त कर्मी और उनके आश्रित शामिल होते हैं। कई बार मरीजों के लिए इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन बाजार से दवाओं की खरीद करता है। इसके लिए रेलवे टेंडर जारी करके फर्म तय करता है और दवाओें की आपूर्ति कराता है। करीब ढाई माह पहले मंडलीय रेलवे अस्पताल ने टेंडर जारी किया था। जिन फर्माें को टेंडर डालने थे, उनका आरोप है कि अस्पताल ने टेंडर में कई ऐसी शर्तें रखी हैं, इससे वह टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले पा रहे हैं। इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन से भी फर्म संचालकों ने बात की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद तीन फर्में इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गईं। पूरे मामले की सुनवाई के बाद अब हाईकोर्ट ने झांसी रेलवे अस्पताल द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
आगरा से खरीदी जा रहीं दवाएं
हाईकोर्ट के दवाओं की खरीद पर रोक लगाने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे अस्पताल से जिन मरीजों को जीवन रक्षक दवाएं 24 घंटे में मिल जाती थीं, वह अब एक सप्ताह में मिल पा रही हैं। जब बड़ी संख्या में मरीज इकट्ठे हो जाते हैं, तब दवाओं की सूची आगरा भेजकर दवाएं मंगवाई जा रही हैं।
वर्जन
मंडलीय रेलवे चिकित्सालय में दवाओं की खरीद पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। मरीजों को असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए आगरा मंडलीय रेलवे अस्पताल से दवाएं मंगवाई जा रही हैं।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी रेल मंडल