- थाना प्रभारी ने कहा दोनों मामले एक-दूसरे से जुड़े, जांच चल रही
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार शाम काफी गहमागहमी रही। जूनियर डॉक्टर और तीमारदारों में विवाद हो गया। कुछ देर बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 700 रुपये वसूली के आरोप में एक आशा वर्कर को पकड़कर सिक्योरिटी गार्ड ने पुलिस को सौंप दिया।
बताते हैं कि शाम को ओरछा गेट कोतवाली की किडनी पीड़ित गंभीर महिला को लेकर परिजन इमरजेंसी पहुंचे। उपचार नहीं मिलने पर तीमारदारों का जूनियर डॉक्टर से विवाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। कुछ देर बाद एक महिला को मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर 700 रुपये मांगने के आरोप में सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ लिया। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया महिला खुद को सामुदायिक केंद्र नगरा की आशा वर्कर बता रही थी, जिसे पुलिस को सौंप दिया है। सीएमएस ने बताया कि परिजन वेंटीलेटर पर रोगी को ले जाने से इनकार कर रहे थे, जिस पर विवाद हुआ था। नवाबाद थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों से विवाद और महिला को रंगेहाथ पकड़ने का मामला प्राथमिक जांच में एक ही निकला है। शिकायत पर जांच की जा रही है।