जिले में भी कोरोना वायरस की दहशत नजर आने लगी है। लगातार छींक आने या फिर खांसी के चलते लोगों अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब सौ से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे में पांच से अधिक दवाओं की मांग बढ़ गई है।
कोरोना वायरस के चलते जिले में लोग अलर्ट हो गए हैं। जरा सी खांसी व जुकाम होने पर भी इलाज कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं।
आलम यह है कि जिला अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेज में मरीजों का जमावड़ा लग रहा है। प्रतिदिन करीब सौ से अधिक अतिरिक्त लोग इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। सभी छींक, खांसी व बुखार बता रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक उपचार के साथ दवा भी दे रहे हैं। इनमेें पैरासिटामाल, डाइक्लोफेनिक सोडियम, डाइक्लोफेनिक पोटैशियम, आइबूप्रोफेन, सिप्रोफ्लाक्सासीन, एंटीबॉयोटिक, कैफीन एनहाइड्रस, क्लोरोकिन फास्फेट आदि दवाओं की डिमांड तेजी से बढ़ी है। वहीं, अधिकारी भी प्रतिदिन स्टॉक का जायजा ले रहे हैं, ताकि दवाएं कम न पड़ सकें।
बढ़ाया जाने लगा स्टॉक
चीन से ही अधिकांश दवाओं का आयात होता है। इनमें खांसी, बुखार, जुकाम, शुगर, बीपी और हार्ट रोग की दवाएं शामिल हैं। आने वाले दिनों में इन दवाओं की किल्लत कभी भी बढ़ सकती है। इसलिए सिविल अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है। वहीं, दवाओं का स्टॉक यदि गड़बड़ाया तो दाम भी बढ़ सकते हैं।
चिकित्सकों ने जारी की एडवाइजरी
गले में खरांश, खांसी, सिरदर्द, नाक से पानी बहना और बुखार जैसे लक्षण कोरोना वायरस के हैं। ऐसे लक्षण आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि शरीर को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का प्रयोग न करें। मांस-मछली, सी फूड न खाएं और बाहर के खाने से परहेज करें। ताजा खाना पकाकर खाएं। कुछ भी खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। खांसते, छीकते समय मुंह ढककर रखें।
कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों व स्टाफ को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं का स्टॉक भी लगातार जांचा जा रहा है।
-एमसी वर्मा, सीएमओ