संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। साइबर ठगों ने अब नया तरीका खोजा है, जिसमें वह लोगों के बच्चों की जानकारी जुटा कर उनके परिजनों को फोन करते हैं और कहते हैं कि उनका बेटा या बेटी किसी कांड में फंस गया है। उसे बचाने के एवज में उन्हें पैसे भेजने होंगे। कुछ लोग ठगों की बातों में आ जाते हैं और उनके बताए गए खातों में ऑनलाइन रुपये भेज देते हैं। इस प्रकार की ठगी के शिकार साइबर क्राइम थाना में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार सुबह एक मोहल्ला निवासी युवक के पास फोन आया। कॉल करने वाले की प्रोफाइल पर किसी पुलिस अफसर की फोटो लगी थी। कॉल करने वाले ने युवक को उसके पुत्र का नाम बताया। नाम कनफर्म होने के बाद उसने बताया कि उसका पुत्र अपने दो दोस्तों के साथ एक दुष्कर्म मामले में पकड़ा गया है और उसे थाने ले जाने की बात कही। ठग ने अपनी बात पुष्ट करने के लिए एक युवक से बात कराई, जिसमें उक्त युवक रोते हुए कहता है कि पापा उसे बचा लो, दोस्तों ने उसे मिलकर केस में फंसवा दिया है। इसके बाद कॉल करने वाला ठग कहता है कि सेटलमेंट कर लो नहीं तो बेटे का कॅरिअर बर्बाद हो जाएगा और उसकी बदनामी होगी। साइबर ठग ने मामला निपटाने के एवज में 70 हजार रुपये की मांग की। गूगल पे या फोन पे के माध्यम से ट्रांसफर करने को कहा। लेकिन उक्त युवक माजरा समझ गया, क्योंकि उसका पुत्र घर पर था और उसकी उम्र भी करीब 12 वर्ष है।
इसी प्रकार कुछ दिन पूर्व विकास भवन में तैनात एक अधिकारी के पास भी साइबर ठग फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर कॉल करता है और उनके पुत्र के गलत गतिविधियों के चलते सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करने की बात कहता है। मामले के सेटलमेंट के एवज में अधिकारी से 10 लाख रुपये की मांग की। अधिकारी जागरूक निकला और ठगी से बच गए। उक्त दोनों ही लोगों ने पुलिस से शिकायत नहीं की। साइबर क्राइम पुलिस ने बताया कि वर्तमान में साइबर ठगों द्वारा कॉल करके लोगों के बच्चों को किसी गंभीर केस में पकड़े जाने पर रुपया मांगने की शिकायतें आ रही हैं। इनसे बचना ही सबसे अच्छा तरीका है।
साइबर ठगों से ऐसे करें बचाव
- इस तरह का फोन कॉल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि संयमित रहें।
- बच्चों को हिरासत में लेने की कॉल आए तो पहले बच्चे या उसके साथियों को कॉल करें कि क्या मामला है।
- ऑनलाइन रुपये न दें। ठगों की कॉल डिस्कनेक्ट करके पुलिस को सूचना दें।
- मुकदमों में कार्रवाई और आरोपी को पकड़ने की बात के नाम पर रुपये मांगने की कॉल आए तो मना कर दें।
- फिजूल के एप डाउनलोड न करें। किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड सहित अन्य कागजात न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, निजी जानकारी किसी से शेयर न करें।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
साइबर ठग सोशल मीडिया पर लोगों की आईडी से भी डाटा निकाल कर ठगी कर रहे हैं। बाहर पढ़ रहे बच्चों का डाटा चुराकर अभिभावकों को फोन कर मोटी रकम मांगी जाती है। सभी को सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी तरह की गोपनीय सूचना सोशल मीडिया पर शेयर न करें। ऐसी कॉल आने पर पहले तो अपने बच्चों से बात करें, साथ ही पुलिस से इसकी शिकायत करें।
मोहम्मद मुश्ताक, एसपी