रक्षाबंधन के एक दिन पहले रविवार की छुट्टी का लाभ मिलने से शनिवार को ही पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही। अपने-अपने घर पहुंचने के लिए झांसी से कानपुर, आगरा, बीना व बांदा की ओर आने-जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों से छोटे-छोटे स्टेशनों पर जाने वाले यात्रियों की भीड़ प्लेटफार्म पर लगी रही। वहीं, दिल्ली, मुंबई, नागपुर, बंगलूरू से आने वाली ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री में झांसी में उतरे। रेल प्रशासन ने रक्षाबंधन पर होने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए हैं।
शनिवार से ही रक्षाबंधन की भीड़ ट्रेनों में दिखना शुरू हो गई। खासकर एक्सप्रेस ट्रेनों से दिल्ली, आगरा, भोपाल, बीना, ग्वालियर जाने वाली यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। दूसरा, रेल मंडल के एरच रोड, इचौली, हमीरपुर रोड, कैलारस, वीरपुर, इकडोरी, गिरधरपुर, खोजीपुरा, माताटीला, बेलाताल, पिरौना, भुआ, चौराहा, ओरछा, रोरा, काबेरी, मुटौंध, खैरार जंक्शन, डिगवई, भिलाईपुरवा, मालनपुर, अकोना, यमुना साऊथ बैंक, पटेरा, कटरा रोड, बेरी, मोहारी जंक्शन, सिरमुत्ररा, सोनागिर, संदलपुर, तांतपुर, खजुराहो, सिंहपुर डुमरा व नंदखास, रानीपुर रोड, टेहरका, खजराहा समेत करीब 100 स्टेशन हैं, जहां सैकड़ों की आबादी होने के बाद भी अब तक सड़क मार्ग से सुविधा जनक आवागमन उपलब्ध नहीं है। इस कारण हजारों यात्रियों को रोजाना यहां से सुबह शाम गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है।
आम दिनों में तो ठीक है, लेकिन त्योहारों पर इनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। शनिवार को रक्षा बंधन पर अपने घर जाने वालों का यही हाल था। रेल प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त इंतजाम न होने के कारण यात्रियों को भूसे की तरह ठुस कर यात्रा करनी पड़ी। झांसी कानपुर पैसेंजर, झांसी लखनऊ इंटरसिटी, झांसी आगरा पैसेंजर, झांसी बीना पैसेंजर, झांसी बांदा पैसेंजर आदि में तिल रखने की जगह नहीं थी।
एक्सप्रेस ट्रेनों में भी जगह नहीं
ताज एक्सप्रेस, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी मेल, चंबल एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, मुंबई से गोरखपुर जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस, मुंबई से अमृतसर जाने वाली पठानकोट एक्सप्रेस, वलसाड़-कानपुर एक्सप्रेस, मुंबई से लखनऊ जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस, यशवंतपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली संपर्क क्रांति, हैदराबाद से नई दिल्ली जाने वाली सदर्न एक्सप्रेस, बिलासपुर से अमृतसर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेनों में रक्षाबंधन पर कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है।
तत्काल टिकट के लिए ध्यान दें
- ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से एक दिन पहले उस गाड़ी में तत्काल कोटे की सीटों पर बर्थ मिलना शुरू हो जाता है।
- एसी कोचों में सुबह दस बजे व स्लीपर में ग्यारह बजे से तत्काल टिकट बनते हैं।
- तत्काल टिकट का टोकन लेने के समय पर कतार में लग जाए।
- तत्काल फार्म पर अधिकतम चार यात्रियों के ही टिकट बन सकते हैं।
- अगर चार यात्रियों से ज्यादा टिकट बनवाना हैं तो दूसरे फार्म के लिए एक और व्यक्ति को साथ ले जाए। एक व्यक्ति एक ही फार्म पर टिकट बनवा सकता है।
- ऑनलाइन टिकट कंफर्म ही बनवाएं, क्योंकि वेटिंग का टिकट यात्रा में मान्य नहीं है।