झांसी। चलती ट्रेन में हार्टअटैक आने पर राजस्थान के सीकर निवासी शांति देवी को आउटर से ट्रेन वापस प्लेटफार्म पर लाकर छोड़ा गया। स्टेशन पर एंबुलेंस होते हुए भी नहीं दिए जाने से महिला डेढ़ घंटे तक तड़पती रही। बाद में लोगों के दबाव बनाने पर रेलवे चिकित्सक एंबुलेंस देने के लिए तैयार हुए और महिला को मेडिकल भेजा गया।
रविवार की रात गाड़ी संख्या 12496 प्रताप एक्सप्रेस से राजस्थान के सीकर निवासी शांति देवी (85) नवल शर्मा के साथ धनबाद से जयपुर के लिए एसी कोच में यात्रा कर रही थीं। यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से झांसी होकर गुजर रही थी। चलती ट्रेन में शांति देवी को सीने में दर्द की शिकायत हुई। इस पर साथ में जा रहे नवल शर्मा ने कोच कंडक्टर की मदद से मामले की सूचना झांसी कंट्रोल को दी। ट्रेन रात 9.52 बजे प्लेटफार्म दो पर आकर खड़ी हुई। मगर, ठहराव समय पर रेलवे चिकित्सक नहीं पहुंचे। जैसे ही ट्रेन चलने को हुई तो यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। इस बात का पता लगने पर आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गई। जब आधे घंटे तक चिकित्सक नहीं आए तो ट्रेन 10.24 बजे आगे के लिए रवाना हो गई। चूंकि, महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ रही थी, इस कारण आउटर से ट्रेन को दोबारा वापस कर प्लेटफार्म पर लाया गया। इस बीच रेलवे चिकित्सक भी मौके पर पहुंच गए। महिला को ट्रेन से उतारकर रात 10.50 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
रेलवे चिकित्सक डॉ. अनुराग ने बताया कि महिला को हार्ट अटैक आया था। उन्होंने महिला को तुरंत मेडिकल कालेज ले जाने की सलाह दी। इस बीच 108 नंबर पर एंबुलेंस मंगाने के लिए संपर्क नहीं हो पा रहा था। इस कारण आरपीएफ जवानों ने कहा महिला को रेलवे की एंबुलेंस से भेज दिया। मगर, चिकित्सक परेशानी बताते हुए एंबुलेंस देने को तैयार नहीं थे। बाद में किसी तरह चिकित्सक को समझाया गया, तब कहीं जाकर महिला को मेडिकल कालेज भेजा जा सका। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।