झांसी। झांसी में शुक्रवार को होने वाले कोरोना वायरस के टीकाकरण के दौरान ढाई हजार डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। 12 स्थानों पर 25 सत्र स्थल बनाए गए हैं, जहां पर स्वास्थ्य कर्मियाें को वैक्सीन लगाई जाएगी। हर स्थल पर अधिकतम 100 डॉक्टरों, कर्मचारियों को वैक्सीन लगेगी। इसके अलावा पहले दिन वैक्सीन लगाने से रह गए कर्मियों को भी टीका लगवाने का मौका मिलेगा।
देश के साथ-साथ जनपद में भी हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड वैक्सीन की पहली डोज 16 जनवरी को लगी थी। जनपद के पांच केंद्रों में हुए टीकाकरण में 500 में 372 को टीका लगा था। 22 जनवरी को टीकाकरण का दूसरा दिवस है। जिला क्षयरोग नियंत्रण इकाई पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जाएगा। सत्र की सभी तैयारियां कर ली गई हैं। सभी टीकाकरण स्थल पर चिकित्सकों के नेतृत्व में एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) टीम कार्यरत रहेगी, जो किसी भी प्रकार की प्रतिकूल घटना होने पर समय से प्रबंधन करेंगी।
अब तक किसी को वैक्सीन का दुष्प्रभाव नहीं
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि 16 जनवरी को उनको सबसे पहले टीका लगा था। पांच दिन बीतने के बाद बाद भी किसी प्रकार की समस्या नहीं है। वैक्सीन के संबंध में जो लोगों में डर है, वह बिल्कुल निराधार है। मेडिकल कॉलेज में 51 लोगों ने वैक्सीन लगवाई थी, सब पूर्णरूप से स्वस्थ हैं। कुछ लोगों को टीका लगने वाली जगह पर दर्द हुआ है, वह अमूमन टीका के बाद होता ही है।
हर 24 घंटे में मांगी गई रिपोर्ट
कोरोना की वैक्सीन लगाने वाले डॉक्टरों, कर्मचारियों की केंद्र और शासन की तरफ से लगातार मॉनीटरिंग की जाती रही। हर 24 घंटे में उनका हालचाल पूछा गया। यह जानकारी ली गई कि वैक्सीन लगवाने के बाद उन्हें किसी तरह की शारीरिक समस्या तो नहीं हुई। सबसे पहले 24, फिर 48 और 72 घंटे में लाभार्थियों के पास फोन पहुंचा। साइट इंचार्ज को यह जानकारी गूगल फॉर्म पर भरकर भेजनी पड़ी।