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सिर से खून बहता रहा, नहीं बुलाया न्यूरो सर्जन, मौत के बाद किया रेफर

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झांसी। मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित एक नर्सिंगहोम पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि सड़क हादसे में घायल युवक के सिर से खून बहता रहा। इसके बावजूद अस्पताल ने न्यूरो सर्जन को नहीं बुलाया। रात में मरीज की हालत और बिगड़ती चली गई। सुबह उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने देखते हुए युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने नर्सिंगहोम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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उमरार खेरा उरई निवासी राहुल पुत्र संतोष का 14 नवंबर की रात 12 बजे एक्सीडेंट हो गया था। एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज के पास स्थित निजी अस्पताल लाया गया। पिता संतोष ने बताया कि भर्ती करने के बाद अस्पताल में मौजूदा स्टाफ ने बताया कि मरीज को सिर में गंभीर चोट आई हैं और वो बेहोश है। मरीज के सिर से लगातार खून बह रहा था। कई बार कहने पर भी न्यूरो सर्जन को नहीं बुलाया गया। इससे राहुल की हालत और बिगड़ गई। सुबह जब मरीज की मौत हो गई तो उसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कहने लगे।
परिजन राहुल को मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। पिता का आरोप है कि इलाज में घोर लापरवाही बरती गई। इस कारण उनके बेटे की जान चली गई। उन्होंने विश्वविद्यालय चौकी में शिकायती पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी परविंदर सिंह का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी होने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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न ड्यूटी डॉक्टर, न प्रशिक्षित स्टाफ
राहुल के पिता संतोष का आरोप है कि नर्सिंगहोम न तो कोई ड्यूटी डॉक्टर और न ही गंभीर रोगियों के इलाज के लिए प्रशिक्षित नर्स या कंपाउंडर दिखा। इलाज के लिए 20 हजार रुपये लिए गए। खून के लिए भी अलग से पैसे लिए गए। इसके बावजूद खून का इंतजाम समय से नहीं हो पाया। जबकि, वह खुद अपने पुत्र को रक्त देने के लिए तैयार थे मगर अस्पताल ने मना कर दिया।
रेफर किया था मेडिकल, ले आए नर्सिंगहोम
संतोष का कहना है कि उरई में हादसे के बाद उनके बेटे को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था मगर एंबुलेंस चालक निजी अस्पताल लेकर पहुंच गया। उन्होंने एंबुलेंस चालक और नर्सिंगहोम के बीच सांठगांठ होने का भी संदेह जताया है। साथ ही, कहा कि जब अस्पताल में संबंधित डॉक्टर मौजूद नहीं था तो फिर क्यों उनके बेटे को रात भर अस्पताल में रखे रहे।
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