पिछले एक साल में शराब की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है। जिले में अंग्रेजी शराब की 10.72 लाख बोतल बिकी हैं। जबकि, शौकीनों ने 32.10 लाख लीटर देसी शराब गले से नीचे उतारी है।
बिक्री में बढ़ोत्तरी का अंदाजा आबकारी विभाग के अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 2016 - 17 में जिले अंग्रेजी शराब की 10.72 लाख बोतल बिकी हैं। पिछले साल की तुलना में 4.54 लाख बोतलों की अधिक बिक्री हुई है। इसी प्रकार 32.10 लाख लीटर देसी शराब की बिक्री हुई। पिछले साल की तुलना में 1.48 लीटर अधिक देसी शराब बिकी है।
देखें आंकड़े
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किस्म 2016-17 2015-16
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अंग्रेजी शराब 10,72,282 6,18,371
देसी शराब 32,10,580 30,62,249
बीयर की बिक्री गिरी
जिले में जहां एक ओर अंग्रेजी और देसी शराब की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई है, तो वहीं बीयर की बिक्री में गिरावट दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में जिले में पच्चीस लाख बारह हजार पांच सौ पच्चीस बीयर की बोतल बिकीं थीं, तो वहीं वर्ष 2016-17 में चौबीस लाख बयासी हजार एक सौ तिरानवे बीयर की बोतल बिकी हैं।
सरकारी खजाना भरा
शराब बिक्री पर टैक्स के जरिए इस साल जिले से सरकारी खजाने में एक अरब तिरेपन करोड़ चालीस लाख रुपये जमा हुए हैं। जबकि, पिछले साल एक अरब छियालिस करोड़ बयालीस लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। अंग्रेजी शराब की एक बोतल से सरकार को 318 रुपये और बीयर की बोतल से 66 रुपये एक्साइज ड्यूटी मिलती है। एक लीटर देसी शराब की बिक्री से 226 रुपये सरकार के खाते में जाते हैं।
चुनाव में खूब छलके जाम
इस साल शराब की बिक्री में रिकार्ड बढ़ोत्तरी की वजह जानकार विधानसभा चुनाव को बता रहे हैं। उनका कहना है कि शराब को लेकर निर्वाचन आयोग की सख्ती के बाद भी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जमकर इसका इस्तेमाल हुआ।