हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को चकमा देने की पूरी तैयारी कर ली थी। सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने टंकी के पास ही खून से सने कपड़े धोऐ और कपड़ों को छोड़कर भाग निकला। पुलिस को कमरे में ताला लगा देख शक हुआ। ताला तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस को कमरे में खून के धब्बे मिले। डीआईजी के एक्शन के बाद पुलिस ने आठ घंटे में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को मार्केट के पीछे बने हॉल किनारे रखी टंकियों के पास कपड़े मिले। इन कपड़ों में खून लगा हुआ था, कुछ कपड़ों को धोया गया था। शक होने पर पुलिस ने अपनी जांच तेज की। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर कपड़ों को कब्जे में लिया। कमरे में भी खून के धब्बे थे। जिसे जांच के लिए सबूत के तौर पर लिया गया। कमरे से लेकर टंकी तक डॉग स्क्वाएड ने भी जांच की।
पूछताछ के बाद पता चला कि कुछ लोगों ने आरोपी संदीप को भागते हुए देखा था। शक होने पर पुलिस ने उसकी खोजबीन की, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। इसके बाद पुलिस ने उसके भाई हीरो को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि हीरो कई सालों से मार्केट में चपरासी का काम देख रहा था। कभी-कभी उसका भाई मिलने आता है। तीन माह पहले वह घर से उसके पास आया था। वह कुछ नहीं करता था, कभी उसे काम में हाथ जरूर बंटा देता था। जांच के चलते मार्केट को सील कर दिया गया। आरोपी को दबोचने के लिए दिन भर पुलिस टीमें गलियों में दौड़ती रहीं। शाम को गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
डॉग स्क्वाएड के आते ही भागा
बताया गया है कि घटना को अंजाम देकर कपड़े धोने के बाद दूसरे कपडे़ पहनकर वह लोगों की भीड़ में आ गया था। हालांकि उस दौरान पुलिस उसे पहचानती नहीं थी। डॉग स्क्वाएड ने जैसे ही टंकी के पास पहुंचकर जांच की, यह देखकर तुरंत मौके से आरोपी सामने बने खेत की तरफ से पैदल होता भाग निकला था।
लोगों से बेवजह लड़ता था आरोपी
पूछताछ में लोेगों ने पुलिस को बताया कि आरोपी संदीप लोगों से बेवजह लड़ता था। इसकी शिकायत कई बार उसके भाई हीरो से भी की, लेकिन उसका उस पर कोई असर नहीं हुआ। यह भी पता चला है कि गांव में भी उसका सभी से झगड़ा होता था। इसके चलते घर वालों ने भाई के पास झांसी भेज दिया था।
ग्रामीणों की बाइकें दौड़ाकर पकड़ा
आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस आरोपी के गांव घर पहुंची। पुलिस की गाड़ियां आती देखकर वह बाइक से गांव की तरफ भागा। पुलिस चार पहिया गाड़ी में थी। ऐसे में पीछा करने में मशक्कत करनी पड़ी। इसी बीच पुलिस टीमों ने गांव वालों की गाड़ियां लेकर पीछा कर गांव के बाहर से उसे पकड़ लिया।
डीआईजी ने नवाबाद इंस्पेक्टर को लताड़ा, बचने न पाए आरोपी
घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे में जाकर करीब दस मिनट तक अधिकारियों के साथ जांच करते रहे। कमरे में नवाबाद इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह को बुलाकर जमकर लताड़ लगाई।
डीआईजी का तेवर देखकर पुलिस अधिकारियों से लेकर पुलिस वाले सकते में आ गए। उन्होंने कहा कि आरोपी किसी भी कीमत पर बचने न पाए। चाहे जितना भी फोर्स लगाओ, सभी को दौड़ाओ, लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ आना चाहिए। खाली हाथ कोई भी न लौटे। मुझे हर हाल में आरोपी की गिरफ्तारी चाहिए है। डीआईजी का एक्शन देखकर आनन-फानन अपने-अपने स्तर से आरोपी को दबोचने में सभी जुट गए।
शाम को गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली। घटनास्थल पर ही बेटी के पिता को पूरी कार्रवाई का भरोसा भी डीआईजी ने दिलाया। उन्होंने कहा कि मेरे यहां भी बेटियां हैं, मैं भी सभी का दर्द समझता हूं। आरोपी को पाताल से भी खोजकर लाएंगे। उसे सख्त से सख्त सजा दिलाना पुलिस का काम है। इसकी जिम्मेदारी मैं स्वयं लेता हूं।
घर पर एक एसआई व दो महिला पुलिसकर्मी तैनात
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद डीआईजी जोगेंद्र कुमार बेटी के घर पहुंचे। पिता ने डीआईजी को सिलसिलेवार तरीके से घटना की जानकारी दी। उन्होंने पिता व उसकी पत्नी मालती से वार्ता कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। घर के बाहर एक एसआई व दो महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
पिता को गाड़ी से लेकर थाने लेकर पहुंची पुलिस
मौके पर पहुंचे डीआईजी ने तुंरत नवाबाद पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। जिस पर नवाबाद पुलिस अपनी गाड़ी से बैठाकर उनको थाने लेकर पहुंची। यहां पुलिस ने तहरीर लिखकर मुकदमा दर्ज कराया।
नहीं लगे थे सीसीटीवी कैमरे
मृतका के घर से लेकर डेयरी की दूरी 400 मीटर है। लेकिन, इस क्षेत्र में एक भी स्थान पर पुलिस की जांच दौरान सीसीटीवी कैमरा लगा नहीं मिला। इससे पुलिस को आरोपी को पकड़ने से लेकर उसकी लोकेशन देखने में काफी परेशान हुई। पुलिस करीब एक घंटे तक कैमरों का पता लगाती रही।