टोड़ी फतेहपुर के ग्राम मदरवास में मुन्नी देवी की हत्या गांव के हरगोविंद कुशवाहा ने की थी। आरोपी पत्नी लाड़ कुंवर की तलाश में मुन्नी के घर गया था और वहां पत्नी के न मिलने पर उसकी मुन्नी पर ही नीयत खराब हो गई। मुन्नी के विरोध करने पर उसने हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
26 मई को टोड़ी फतेहपुर थाने में दी तहरीर में ग्राम मदरवास निवासी बलवीर कुशवाहा ने बताया था कि 25 मई की रात उसकी मां मुन्नी देवी (55) गांव में आयोजित एक शादी में खाना खाने के बाद बाड़े में सोने चली गई थी। 26 मई की सुबह जब उनकी भाभी बाड़े में गई तो उन्होंने देखा कि उसकी मां लहूलुहान हालात में मृत अवस्था में पड़ी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में उक्त हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी जेके शुक्ला ने बताया कि घटना के बाद से गांव में रहने वाला टेंट हाउस संचालक हरगोविंद कुशवाहा गांव से गायब चल रहा था। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव को इस बात पर शक हुआ और उन्होंने फोर्स साथ उसे रेवन बेरवई तिराहे के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में हरगोविंद ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मृतका का मोबाइल बरामद कर लिया है।
ये है कहानी
एसएसपी ने बताया कि 24 मई को हरगोविंद ने पत्नी लाड़ कुुंवर से गाली गलौज कर दी थी। इससे नाराज होकर वह मुन्नी देवी के पास उनके बाड़े में चली गई थी। बाद में वह मनाकर कर पत्नी को घर ले आया था। अगले दिन हरगोविंद का बेटा अपनी मां को बिना बताए गुरसराय में मौसी के घर छोड़ आया। वह जब शाम को शराब पीकर आया तो पत्नी को घर न पाकर वह मुन्नी देवी के बाड़े पहुंच गया और पत्नी के बारे में पूछा। मना करने पर उसकी मुन्नी देवी पर ही नीयत खराब हो गई। शोर मचाने पर हरगोविंद ने उसे चारपाई पर पटककर मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।