ककरबई। सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर जल, घर-घर नल योजना जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते शोपीस बनकर रह गई है। कस्बा सहित क्षेत्रीय ग्रामीण पिछले छह साल से घरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। योजना के फिल्टर प्लांट के पानी का उपयोग मूंगफली की सिंचाई और बसों की धुलाई में किए जाने की शिकायत सामने आई है।
जल सारथी एप पर कस्बा के कुल 908 परिवारों के सापेक्ष 310 घरों में नियमित जलापूर्ति दर्शाई जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर किसी भी घर में अभी तक पानी नहीं आया है। इस प्रकार सरकारी आंकड़ों और वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। प्रधान राजेंद्र कुमार तिवारी सहित अन्य ग्रामीणों ने पानी की बर्बादी रोकने और घरों में नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
इस संबंध में जेई शशि यादव ने बताया कि 310 परिवारों के संयोजन चेक कर लिए गए हैं। अभी किसी भी घर में पानी की सप्लाई नहीं जा रही है। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक शत-प्रतिशत घरों में सप्लाई चालू कर दी जाएगी। उन्होंने रास्ते में दुरुपयोग हो रहे पानी को आज ही सही करवाने का आश्वासन दिया।