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Jhansi News: खुशियां और सेहत होगी साथ, नए साल से करें सात अच्छी आदतों की शुरूआत

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इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें तो जीवन की कई समस्याएं अपने आप ही खत्म होंगी
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अनीता वर्मा
झांसी। शहर जाम और बढ़ रहे हादसों से जूझ रहा है। लोग बीमारी, सामाजिक विसंगतियों और बदलती दिनचर्या की उलझनों से परेशान हैं। लेकिन, सबके जीवन में कई समस्याएं ऐसी हैं जिन पर जरा सा ध्यान दिया जाए तो वह अपने आप ही दूर हो जाएंगी। हम मोबाइल से कुछ दूरी बना लें तो अपने परिवार के साथ समय बिता पाएंगे। हेलमेट और सीट बेल्ट पहनकर चलेंगे तो सुरक्षित रहेंगे और जुर्माने से भी बचेंगे। बच्चों पर नजर रखेंगे और बुजुर्गों का ध्यान रखेंगे तो घर खुशियों से भरा रहेगा। बाजार जाते समय सही जगह पार्किंग करेंगे तो जाम से बचेंगे। बाहर खुले में रखीं चीजें खाने से बचेंगे, धूम्रपान नहीं करेंगे तो स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हमेशा सतर्क रहेंगे तो साइबर क्राइम और अपराधियों का निशाना बनने से बचेंगे, तो आइए नए साल के पहले ही दिन से हम इन अच्छी और छोटी-छोटी बातों को अपने जीवन में उतारें और हफ्ते के सात दिनों में एक-एक करके इन सात संकल्पों को आत्मसात करें, ताकि आप और आपके अपनों का साल खुशियों से भरा रहे...। मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक डॉ. मनीष मिश्रा का कहना है कि नए साल पर जो भी लक्ष्य बनाएं व मूर्त रूप (प्रैक्टिकल) हों, ताकि उन्हें पूरा करने में आपको तनाव न हो। इन सात अच्छी आदतों को ध्यान में रखकर साल का पहला दिन शुरू करें, जिंदगी का तनाव काफी हद तक दूर हो जाएगा। मनोवैज्ञानिक ललित कुमार सिंह का कहना है कि बड़ी खुशियों के इंतजार में छोटी-छोटी खुशियों से खुद को दूर न कीजिए, इन आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कीजिए...।
1-हेलमेट और सीट बेल्ट पहनेंगे
झांसी और ललितपुर में हर रोज कहीं न कहीं सड़क हादसे में कितने लोगों की जान चली जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है, बाइक चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट न पहनना। तो आइए नए साल के पहले ही दिन से ये ठान लें कि हम वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर पहनेंगे, ओवर स्पीड नहीं चलेंगे, हमेशा ध्यान रखेंगे कि हमारा कोई अपना घर पर इंतजार कर रहा है। बता दें कि झांसी और ललितपुर में हर महीने सड़क हादसों में तकरीबन 20-25 लोगों की जान चली जाती है।
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2-मोबाइल से दूरी बनाएंगे
सोशल मीडिया आज दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफार्म है। लेकिन, मोबाइल की दुनिया ने वास्तविक जीवन और सामाजिक दूरी बढ़ा दी। इसने लोगों का मिलना-जुलना, बैठकर बात करना, तीज-त्योहारों पर एक-दूसरे के घर जाना खत्म कर दिया है। नए साल के पहले ही दिन हमें एक-एक मिनट करते हुए इससे थोड़ी दूरी बनानी है। क्योंकि महिला थानों में हर हफ्ते तीन-चार ऐसे मामले आते हैं जहां मोबाइल की लत के कारण आपसी रिश्ते टूटने की नौबत बन जाती है।
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3-बच्चों की संगति पर ध्यान देंगे
बच्चों की संगति आज बहुत बिगड़ रही है। बच्चे मां-बाप की भी नहीं सुन रहे हैं। उनमें भावनात्मक लगाव कम हो रहा है। जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य विभाग और मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में आए दिन बच्चों के व्यवहार और उनकी संगति को लेकर केस आते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन बताती हैं कि अस्पताल में काउंसलिंग के दौरान सबसे ज्यादा केस बच्चों के आ रहे हैं। बच्चे किसी की सुन नहीं रहे। तो नए साल से ठान लें कि हम बच्चों की संगति पर सबसे पहले ध्यान देंगे।

4-सड़क पर अतिक्रमण नहीं करेंगे
झांसी शहर हर रोज जाम और अतिक्रमण की समस्या से जूझता है। मानिक चौक, सीपरी बाजार, नगरा और सुभाष मार्केट में सुबह से शाम तक कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर निगम आए दिन इन बाजारों में अतिक्रमण हटवाता है, लेकिन कुछ दिन बाद स्थिति वैसी ही हो जाती है। यहां दुकानदार ही नहीं खरीदारी के लिए आने वाले लोग भी अपनी बाइक-कारें बाजार में ही आड़ा-तिरछा खड़े कर देते हैं। तो हम ठान लें कि नए साल में हम अपनी इस आदत में सुधार करेंगे और उचित जगह ही पार्किंग करेंगे।
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5-बीमारियों से बचेंगे, जागरूक रहेंगे
बदलती जीवन शैली में बीमारियों से दूर रहना बेहद जरूरी है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जरूरी है कि नए साल के पहले ही दिन से हम स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर सहित दूसरी बीमारियों से बचने के लिए खानपान और दिनचर्या सही रखेंगे। फास्ट फूड और डिब्बा बंद फूड से दूर रहेंगे। तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट से दूरी बनाएंगे ताकि बढ़ रही कैंसर की बीमारी से बचा जा सके।
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6- बुजुर्गों से दुर्व्यवहार नहीं करेंगे
शहर में कई बुुजुर्ग ऐसे हैं जिनके बच्चे उनसे दूर रहते हैं। बेचारे बुजुर्ग मां-बाप अकेले रहने को मजबूर हैं। वहीं, सिद्धेश्वर नगर स्थित वृद्धाश्रम में भी 85 से 90 बुुजुर्ग अकेले जीवन काट रहे हैं। इनमें से अधिकांश बुजुर्गाें को उनके बच्चे या परिवार के लोग वृद्धाश्रम में अकेले छोड़ गए। ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम अपने घर और बाहर बुजुर्गाेंं के साथ अपना बर्ताव बेहतर रखें, ताकि वे खुश रहें। उनका बर्थडे मनाएं, पुरानी यादें उनके पास बैठकर शेयर करें।
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7-सेहत के लिए समय निकालेंगे
भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत को लेकर सभी लोग परेशान हैं। ऐसे में बेहद जरूरी है कि नए साल पर हम संकल्प लें कि सेहत का पूरा ध्यान रखेंगे और अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकाल कर मार्निंग वॉक करेंगे। शहर में लोगों की इसी जरूरत को ध्यान में रखकर जगह-जगह आेपेन जिम भी बनाए गए हैं। तो अब ठान लीजिए कि रोज सुबह 15 मिनट ही सही अपने आसपास पार्क में जाकर वॉक करेंगे या फिर आेपेन जिम में एक्सरसाइज करेंगे।
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