झांसी। मलेशिया से हनीमून मनाकर लौटीं एक सहायक लोको पायलट की बुधवार को मालगाड़ी रोककर बीना और सागर में जांच की गई। एहतियातन महिला कर्मचारी को सागर से झांसी वापस बुला लिया गया है। अब उनको कुछ दिनों तक लाइन ड्यूटी पर नहीं भेजा जाएगा। इस मामले से रेल प्रशासन में हड़कंप मचा रहा।
रेलवे में सहायक लोको पायलट के पद पर कार्यरत एक महिला कर्मचारी की पिछले माह शादी हुई थी। उन्होंने शादी के लिए एक महीने की छुट्टी ले रखी थी। छुट्टी के दौरान वे हनीमून मनाने के लिए मलेशिया चली गई। हालांकि, उन्होंने नियम के तहत विदेश जाने की जानकारी रेल प्रशासन को नहीं दी। छह मार्च को वे छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौट आई। मगर इस बीच उन्होंने अपनी मलेशिया की तस्वीरें व्हाट्सएप पर जारी कर दी। कुछ तस्वीरें संबंधित अधिकारियों तक पहुंच गई। अधिकारियों को लगा कि अगर वे विदेश र्गइं थीं तो कोरोना वायरस के उनमें लक्षण तो नहीं आ गए है। बुधवार को वे मुख्य चालक के साथ मालगाड़ी लेकर झांसी से सागर गईं थीं।
उधर, रेल प्रशासन ने उनके विदेश से लौटने को गंभीरता से लिया और उनकी बीना सेक्शन में मालगाड़ी रुकवाकर उनकी आवश्यक जांच करवाई गई। उनको हाथों में पहनने के लिए गिलब्स दिए गए। बाद में सागर पहुंचने पर उनकी राज्य के चिकित्सकों की टीम ने जांच की। जांच में कोरोना वायसर के कोई तथ्य नहीं पाए गए।
इस मामले में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिला कर्मचारी को कोरोना न होने की पुष्टि हो गई है। एतियातन उनको सागर से झांसी बुला लिया गया।