फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैंडपंप देने लगे धोखा

Fri, 22 May 2015 01:44 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। पुराने शहर की चारदीवारी के अंदर बसे कई क्षेत्रों के हैंडपंपों ने धोखा देना शुरू कर दिया है। इससे इन क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है। इतना ही नहीं पाइप लाइनों का पानी अधिक क्षमता के टुल्लू पंप खींच ले रहे हैं। चूंकि, इन क्षेत्रों में टैंकरों से भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही हैं। इससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन



इन दिनों भीषण गर्मी के चलते नगर के गोलाकुआं क्षेत्र में आने वाले पन्नालाल, पुरानी पसरट, गोपाल नीखरा, पुरानी नझाई, सूजे खां खिड़की, भैरों खिड़की समेत आसपास के मुहल्लों का जल स्तर गिरने के कारण अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। बोरिंग भी सूख गई है। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति लाइन में भी पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों ने अपने नलों में अधिक क्षमता के टुल्लू पंप लगा रखे हैं, इससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जल संस्थान ने इन क्षेत्रों में पानी के टैंकर भी नहीं लगाए हैं। मजबूरन यहां के लोगों को दूर-दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ रहा है।


कुछ ऐसा ही हाल करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्ध नगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा आदि इलाकों का बना हुआ है। हालांकि, जल संस्थान इन क्षेत्रों में पानी पहुंचा रहा है। इससे यहां के हालात संभले हैं।
विज्ञापन

 

अगर किसी क्षेत्र में पानी की समस्या है तो वहां के लोग शिकायती पत्र देकर उन्हें स्थिति से अवगत करा सकते हैं। जिन भी क्षेत्रों से पानी संबंधी शिकायतें आ रही हैं, वहां तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
आरएस यादव, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
 

झांसी पठारी क्षेत्र में बसा हुआ है। भूगर्भ में पानी की कमी होते ही हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो जाता है। जैसे ही बरसात से पानी का जलस्तर बढ़ेगा। हैंडपंप दोबारा पानी देने लगेंगे। इस कारण हैंडपंपों को सूखा नहीं माना जा सकता है। यह स्थिति हर बार बनती है।’
विज्ञापन

आर एस मिश्रा
अधिशासी अभियंता, जल निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें