निगम अफसरों ने कही जांच की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। भगवंतपुरा में नगर निगम को आधा एकड़ जमीन ढूंढे नहीं मिल रही है। तीन बार पैमाइश होने के बाद जमीन न मिलने पर नगर निगम अफसर सकते में हैं। यहां पानी की टंकी बनाने के लिए प्रस्तावित जमीन को नगर-निगम अपना बता रहा है, वहीं वन विभाग अपने कब्जे में होने की बात कह रहा है। नगर निगम के अफसरों ने पूरे प्रकरण की जांच करने की बात कही है।
नगर निगम ने भगवंतपुरा में अपनी चार एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य प्रस्तावित किए हैं। इसमें तीन एकड़ जमीन पर मुर्गा-मछली मार्केट बनना है। वहीं एक एकड़ जमीन पर पानी की टंकी का निर्माण प्रस्तावित है। पानी की टंकी बनाने के लिए नगर निगम ने जमीन का चिह्नांकन शुरू किया। मगर यहां आधा एकड़ जमीन नहीं मिली। राजस्व और नगर निगम की टीम ने यहां तीन बार पैमाइश की, लेकिन जमीन नहीं मिली। नगर निगम की इसी जमीन से सटाकर वन विभाग ने नगर वन बनाया है। वन विभाग ने नगर वन की फेंसिंग करा दी है। निगम अफसरों का मानना है कि उनकी आधा एकड़ जमीन नगर वन में चली गई है।
वहीं वन विभाग के अफसर इसे नकार रहे हैं। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि नगर वन क्षेत्र की पैमाइश राजस्व और वन विभाग के मानचित्र के अनुरूप कराई गई थी। जमीन की पैमाइश के बाद वन विभाग ने अपनी जमीन को कब्जे में लेकर पूरे वन क्षेत्र की फेंसिंग कर दी है।
अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता ने बताया कि भगवंतपुरा में तीन एकड़ जमीन पर मुर्गा मछली मार्केट प्रस्तावित है। एक एकड़ जमीन पर पानी की टंकी का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। वन विभाग के एसडीओ विनोद यादव ने बताया की वन विभाग की जमीन की पैमाइश राजस्व और वन विभाग के मानचित्र के अनुरूप ही की गई है। वन विभाग के गजट से ही इलाके की फेंसिंग कराई गई है।