अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यातायात माह समेत तमाम विभागों की ओर से चलाए गए जागरुकता अभियान के बावजूद झांसी जिले में सड़क हादसों की संख्या घटने के बजाय बढ़ती जा रही है। पिछले दो साल के दौरान जिले में कुल 482 लोगों की मौत हो गई। इनमें 307 लोगों की जान सिर में गहरी चोट लगने की वजह से हुई। हेलमेट न लगाने से उन्हें गहरी चोट आई। इनमें युवाओं की संख्या सर्वाधिक है।
सड़क हादसे में कमी लाने के लिए हर साल यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, आरटीओ, नगर निगम समेत अन्य विभाग करोड़ों रुपये फूंकते हैं, फिर भी सड़क हादसों में मृतकों की संख्या बढ़ी है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल झांसी जिले में 523 सड़क हादसों में 233 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि इस साल नवंबर तक हादसों की संख्या 500 के करीब जा पहुंची। नवंबर तक सड़क हादसों में 249 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें भी करीब 70 फीसदी ऐसे हैं, जिनकी मौत सिर में चोट लगने से हुई। सबसे अधिक एनएचएआई पर हादसे हो रहे हैं। हाईवे पर साल भर में 325 हादसे हुए।
वर्जन
हेलमेट न लगाने वाले बाइक चालकों पर पुलिस सख्ती करती है। चालान होते हैं, फिर भी लोग हेलमेट नहीं लगाते। पुलिस के साथ अन्य विभाग भी सड़क हादसों में कमी लाने के लिए साझा कार्रवाई करते हैं। - ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी
केस एक -
30 सितंबर 2024 : बबीना के पास बस की टक्कर से ललितपुर निवासी बाइक सवार अरविंद (28) सड़क पर जा गिरा। उसके सिर में गहरी चोट आ गई। इसकी वजह से उसकी मौत हो गई। वह हेलमेट नहीं लगाया था।
केस दो
11 जून 2024 : गुरसराय के नारायणपुरा का अमित कुशवाहा अपने दो दोस्तों के साथ लौट रहा था। हादसे में तीनों सड़क पर जा गिरे। अमित समेत उसके दोस्त की मौत हो गई। दोनों की मौत सिर में आई गहरी चोट की वजह से हुई।
केस तीन
26 मई 2024 : ध्वानी गांव में हुए सड़क हादसे में टहरौली किले के प्रधान के बड़े भाई अनिल जैन की मौत हो गई। उनकी बाइक को तेज रफ्तार दूसरी बाइक ने टक्कर मार दी थी। उनकी मौत सिर में गहरी चोट लगने से हुई थी। चिकित्सकों के मुताबिक, अगर हेलमेट पहना होता तो सिर सुरक्षित रहता।
केस चार
13 अक्तूबर 2024 : प्रेमनगर के नगरा निवासी एल्फ्रेड एलिसजेंडर की मौत भी सड़क हादसे में हुई। उनको महानगर के भीतरी इलाके में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
- नशे में वाहन न चलाएं
- तेज रफ्तार में वाहन चलाने से बचें
- अन्ना पशुओं से दूरी बनाकर चलें
- नींद आने पर वाहन चलाने से परहेज करें
- ओवरटेकिंग से हमेशा बचें
- बारिश के दौरान हमेशा संभल कर चलें
यह होने चाहिए उपाय
- दुर्घटना संभावित स्थलों पर रेडियम लगाएं
- हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग हो
- हादसे के बाद तत्काल उपचार की सुविधा
- मोड़ पर संकेतक जरूर लगे हों
- सड़कों की लगातार मरम्मत होती रहे