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हवाई अड्डा बनने की जगी आस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मांगी रिपोर्ट

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एयरोप्लेन - फोटो : ???? ????
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हवाई अड्डा बनने की जगी आस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मांगी रिपोर्ट
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झांसी। कई सालों से हवा में तैर रही हवाई अड्डे की परियोजना के धरातल पर उतरने की आस जग गई है। डिफेंस कॉरिडोर के एमओयू साइन होने के बाद हवाई अड्डे की स्थापना कार्यवाही तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने इसके लिए चिह्नित किए गए दोनों स्थानों की जिला प्रशासन से तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी है। इनमें से जल्द एक स्थान का चयन कर स्थापना का काम शुरू कर दिया जाएगा।
हवाई अड्डे की स्थापना की कवायद पिछले कई सालों से चली आ रही है। लेकिन, केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के दूसरे चरण में झांसी को शामिल किए जाने के बाद तीन साल पहले इस परियोजना ने तेजी पकड़ ली थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने इसके लिए ग्राम सफा में चिह्नित की गई जमीन तथा ग्वालियर मार्ग पर स्थित सेना की हवाई पट्टी का निरीक्षण किया था। लेकिन, इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। हवाई अड्डे की परियोजना हवा में ही अटक कर रह गई थी। अब एक बार फिर हवाई अड्डे की फाइल से धूल झाड़ी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए चिह्नित किए गए दोनों स्थानों की तुलनात्मक रिपोर्ट जिला प्रशासन से मांगी है। ये तेजी डिफेंस कॉरिडोर के एमओयू साइन होने के बाद आई है। क्योंकि, डिफेंस कॉरिडोर के लिए हवाई अड्डे को आवश्यक सेवा माना जा रहा है। इसके बन जाने से उद्यमियों का आनाजाना आसान हो जाएगा।
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दोनों स्थानों की तुलनात्मक रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया किसी एक स्थान पर मुहर लगा देगी। इसके बाद स्थापना की दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
हवाई पट्टी के विस्तार की संभावना ज्यादा
झांसी। ग्वालियर मार्ग स्थित सेना की हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाने की संभावना ज्यादा जताई जा रही है। क्योंकि, यहां नये सिरे से स्थापना की कवायद नहीं करनी होगी। वर्तमान में ग्वालियर रोड स्थित हवाई पट्टी 205 एकड़ के क्षेत्रफल में फैली हुई है। इसका रनवे लगभग एक किलोमीटर लंबा है। रनवे का विस्तार किया जाएगा। साथ ही हवाई अड्डे का परिसर भी बढ़ाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आसपास की 140 हेक्टेअर जमीन और ली जाएगी। ये चिह्नित कर ली गई है। इसमें कुछ आबादी वाला इलाका भी है। हवाई अड्डे का प्रवेश द्वार भी बदला जाएगा। इसे झांसी-कानपुर फोरलेन बाइपास के नजदीक बनाया जा सकता है।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित दोनों स्थानों की तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद मुफीद पाए जाने पर इनमें से किसी एक स्थान हवाई अड्डे की स्थापना होगी। - संजीव कुमार मौर्य, एसडीएम
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