ग्वालियर मार्ग और सीपरी ओवरब्रिज पर घिरे डिप्टी सीएम
झांसी। शनिवार को झांसी आए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की। लेकिन, शायद वे ये भूल गए कि शासन से पहले ही इसकी संस्तुति मिल चुकी है। वहीं, सीपरी बाजार ओवरब्रिज के लोकार्पण पर सपा ने उन्हें घेर लिया। सपा नेताओं ने कहा कि इस ब्रिज के निर्माण में भाजपा का कोई योगदान नहीं है। भाजपा सिर्फ फीता काटने का काम कर रही है।
डिप्टी सीएम ने घोषणा की कि जालौन के कोंच में नाले पर आठ करोड़ से लघु नाला, जालौन में नदी पर सात करोड़ से लघु सेतु, ललितपुर में शहजाद नदी पर नौ और 16 करोड़ की लागत से दो लघु सेतु का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जितने शिलान्यास व लोकार्पण उन्होंने किए हैं, उससे अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव अभी और उनके पास हैं। इन पर भी जल्द काम शुरू होगा। इस दौरान उन्होंने ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग नंबर 117 पर 42 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की। जबकि, इस ब्रिज को शासन से छह माह पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। रेलवे को भी ब्रिज निर्माण में योगदान देना है। लिहाजा, इसका प्रस्ताव रेलवे को भेजा गया है। रेलवे की सहमति के इंतजार में ग्वालियर ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट अटका हुआ है।
वहीं, 27 सितंबर 2012 को झांसी आए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीपरी बाजार में ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की थी। सपा सरकार में ही जून 2014 में काम शुरू किया गया गया था, जो तीन साल में पूरा होना था। लेकिन, सरकारी तंत्र के ढुलमुल रवैये के चलते ब्रिज हाल ही में दो महीने पहले बनकर तैयार हो पाया, जिस पर आवागमन शुरू भी कर दिया गया था। शनिवार को डिप्टी सीएम ने सीपरी ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। इस पर सपा ने उन्हें घेर लिया।
सपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य डा. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि सीपरी ओवरब्रिज निर्माण में भाजपा सरकार का कोई योगदान नहीं है, बल्कि भाजपा शासन में इसके निर्माण में देरी की गई। सपा शासन में इस ब्रिज की नींव रखी गई थी और पैसा आवंटित किया गया था। लेकिन, दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति ये है कि वहां से शिलान्यास पट्टिका तक हटा दी गई है। इसे तत्काल लगवाया जाए। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ फीता काटने वालों की सरकार है।
सपा जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने कहा कि भाजपा वाले सपा के कार्यों का ही लोकार्पण कर रहे हैं। उनके पास अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। भाजपा शासन की एक परियोजना भी ऐसी नहीं है, जो जनता के काम आगे आ रही है। उनके पास सिर्फ बातें ही हैं। वहीं, भाजपा के नेता लंबे समय से ग्वालियर रोड ओवरब्रिज की शासन से संस्तुति मिलने का दावा करते आ रहे हैं और अब डिप्टी सीएम निर्माण की घोषणा कर रहे है। यही कौन है, ये बता पाना मुश्किल है।