झांसी। ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए सेतु निगम ने वन विभाग, बिजली, जलसंस्थान और जलनिगम को पत्र लिखकर इनके कार्य का एस्टीमेट मांगा है। साथ ही रेलवे ने अपने हिस्से के काम की कार्ययोजना तैयार कर स्वीकृति के लिए प्रयागराज मुख्यालय को भेज दी है। सेतु निगम इन विभागों से एस्टीमेट मिलने के बाद एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर शासन के पास भेजेगा। शासन से इस पर मुहर लगते ही ओवरब्रिज निर्माण के लिए बजट मिलना शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने विगत 15 दिसंबर 2020 को ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद से सेतु निगम ओवरब्रिज निर्माण के लिए सक्रिय हो गया है। रेलवे ने अपने हिस्से के निर्माण का स्केच बनाकर सेतु निगम को भेज दिया है। साथ ही रेलवे ने कार्ययोजना तैयार कर उसे स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया है। उधर, ओवरब्रिज निर्माण में वन विभाग के कुछ पेड़ बीच में आ रहे हैं, कुछ जमीन भी है। इसी तरह बिजली विभाग को अपने खंभे और जलसंस्थान व जलनिगम को अपनी पाइपलाइनें शिफ्ट करना होंगी। इसी के चलते सेतु निगम ने इन चारों विभागों को पत्र लिखकर अपने कार्य का एस्टीमेट शीघ्र देने का आग्रह किया है।
स्वीकृति मिलते ही धरातल पर शुरू होगा काम
वन विभाग, बिजली, जलसंस्थान व जलनिगम के एस्टीमेट का इंतजार किया जा रहा है। इन विभागों से एस्टीमेट मिलते ही संयुक्त कार्य योजना बनाकर शासन के पास भेजी जाएगी। इस काम में करीब दो महीने का वक्त लगेगा। प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिलते ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
वेदप्रकाश, अधिशासी अभियंता, सेतु निगम।
जाम से मिलेगी निजात, अभी पांच-सात घंटे बंद रहती है क्रॉसिंग
ग्वालियर रोड क्रॉसिंग गेट नंबर 117 पर लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। कोरोना काल से पहले यह क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 12 घंटे बंद रहती थी। अभी ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण पांच से सात घंटे बंद रहती है। दूसरा, उन्नाव- बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव अरसे से प्रदेश सरकार के पास अटका था। अमर उजाला में इस समस्या को लगातार उठाता आ रहा है।
इस तरह होगा ओवरब्रिज का निर्माण
- पुल होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर की मोड़ से उठकर दूसरी तरफ महिला पॉलीटेक्निक पर जाकर उतरेगा।
- पुल के दोनों तरफ 350- 350 मीटर हिस्से का निर्माण सेतु निगम करेगा।
- पटरियों के ऊपर 60 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को पूरा करना होगा।
- लंबाई 760 मीटर, पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर व फोरलेन की चौड़ाई 18 मीटर होगी।
- ओवरब्रिज के निर्माण में 150 करोड़ अनुमानित लागत आएगी।