झांसी। प्रदेश सरकार ने ग्वालियर रोड क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी दे दी है। ओवरब्रिज फोर लेन बनेगा। जल्द ही शासन से सहमति की फाइल रेलवे के पास भेजी जाएगी। इसके बाद रेलवे अपने हिस्से की लागत तय करेगा। ओवरब्रिज की निर्माण लागत में दोनों की सहभागिता होगी।
ग्वालियर रोड क्रॉसिंग गेट नंबर 117 पर लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। कोरोना काल से पहले यह क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 12 घंटे बंद रहती थी। अभी ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण पांच से सात घंटे बंद रहती है। दूसरा, उन्नाव- बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव अरसे से प्रदेश सरकार के पास अटका था। अमर उजाला में इस समस्या को लगातार उठाया जा रहा था। लोगोें द्वारा शासन - प्रशासन से लगातार ओवरब्रिज बनाने जाने की मांग की जा रही थी। इसका खासा असर हुआ है। शासन ने हरी झंडी दे दी है। फाइल रेलवे के पास भेज दी है। विदित हो कि ओवरब्रिज को तीन माह पहले विभिन्न महकमों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई थी, जिसमें रेलवे के अधिकारी भी शामिल हुए थे, जिन्होंने ओवरब्रिज निर्माण पर सहमति जताई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि रेलवे की ओर से भी ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे तैयार, प्रदेश शासन का था इंतजार
झांसी। ग्वालियर रोड क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे तैयार है। इसका प्रस्ताव प्रदेश शासन को भिजवा दिया गया था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामला अटका था। ओवरब्रिज निर्माण में 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कोरोना काल से पहले इस क्रासिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती थीं और लगभग 12 घंटे क्रॉसिंग बंद रहती है।
ये है सर्वे रिपोर्ट
झांसी। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रॉसिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। प्रस्ताव में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि अभी इस क्रॉसिंग से महीने में 3.76 लाख वाहन गुजरते हैं।