शिष्यों ने सोशल डिस्टेंस व सादगी के साथ पूजा कर आशीर्वाद लिया।
झांसी। महानगर में रविवार को गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) का पर्व उत्साह से मनाया गया। कोरोना वायरस के कारण इस बार सार्वजनिक पूजा उत्सव अथवा भंडारों का आयोजन नहीं हुआ। शिष्यों ने घरों में अपने गुरुओं के चित्र एवं उनकी पादुकाओं की वैदिक रीति से पूजा अर्चना की। वहीं, कई धार्मिक स्थलों व आश्रमों में भक्तों ने अपने गुरु की पूजा की। हवन में आहुतियां अर्पित कीं।
सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओें के अनुसार इसे व्यास पूर्णिमा और आषाढ़ की पूर्णिमा भी कहते हैं। इस पर्व के साथ ही त्योहारों की श्रृंखला शुरू होती है। गुरु पूर्णिमा पर सुबह से ही भक्तों में विशेष उत्साह नजर आया। सोशल डिस्टेंसिंग के बीच शिष्यों ने अपने गुरुओं के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। श्री सिद्धेश्वर मंदिर में हिंदू जागरण मंच के विभाग महामंत्री विनोद अवस्थी ने आचार्य हरीओम पाठक का पूजन किया। युवा ब्राह्मण महासंघ के कार्यालय में रवीश त्रिपाठी, राजीव त्रिपाठी, महेश उपाध्याय आदि ने अपने गुरु के चरण पादुकाओं की पूजा की। पर्व पर कई मंदिरों व आश्रमों से गुरु पूजा का लाइव प्रसारण भी सोशल साइट्स पर किया गया।