जिलाधिकारी के निर्देश पर बीते रोज शुक्रवार को बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के ताबड़तोड़ निरीक्षण हुए, जिसमें तीन स्कूल बंद मिले तथा 130 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इन सभी शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी शिक्षा की हकीकत का पता लगाने के लिए शुक्रवार को उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों व विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमों ने शुक्रवार को जिले के 148 स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन स्कूलों में ताला लटका मिला।
जबकि, अन्य स्कूलों के 130 शिक्षक बगैर किसी सूचना के विद्यालय से नदारद थे। निरीक्षण में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति भी कम पाई गई। 78 स्कूलों में तो पचास फीसदी बच्चे भी मौजूद नहीं थे। जाहिर है कि इन स्कूलों में पठन-पाठन का काम बुरी तरह प्रभावित है।
निरीक्षण के बाद टीमों ने यह रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को दी। इस अनियमितता पर सीडीओ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को सभी अनुपस्थित शिक्षकों की वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेने को भी कहा गया है। इसकी रिपोर्ट बीएसए को एक सप्ताह में सीडीओ को देनी होगी।
निर्देशों का नहीं हो रहा पालन
शिक्षकों की विद्यालयों में शत प्रतिशत उपस्थिति न होने से शिक्षण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित है। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा प्राप्त नहीं हो पा रही है। इस व्यवस्था में सुधार के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, परंतु उनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। विद्यालयों के सघन निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
- नवनीत सिंह चहल, सीडीओ