संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। माघ की गुप्त नवरात्रि 10 फरवरी को धनिष्ठा नक्षत्र एवं वरीयान योग में प्रारंभ होगी। वसंत पंचमी पर्व 14 फरवरी को शुभ योग व रेवती नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस मौके पर शैक्षिक संस्थाओं व मंदिरों में ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा होगी। इस दिन अबूझ मुहूर्त तिथि होने से विवाह कार्य भी खूब होंगे।
आश्विन एवं चैत्र की नवरात्रि की तरह माघ एवं आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। गुप्त नवरात्रि पर मंदिरों व आश्रमों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। दस महाविद्याओं की देवी की आराधना की जाती है। मां जगदंबा के मंदिरों में दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार 10 फरवरी से माघ माह की गुप्त नवरात्रि धनिष्ठा नक्षत्र व वरीयान योग में प्रारंभ होगी। 18 फरवरी को नवमी मनाई जाएगी। 14 फरवरी को वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना होगी। पर्व पर शुभ योग व रेवती नक्षत्र रहेगा। ज्योतिषविद रजनी दीक्षित के अनुसार माघ माह की गुप्त नवरात्रि पर मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।