आषाढ़ के गुप्त नवरात्र आज से
झांसी। आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा बुधवार से शुरू हो जाएंगे। इसमें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के श्रद्धालु दर्शन करेंगे और मंदिरों में होने वाले अनुष्ठानों में शामिल होंगे। मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां कर ली गईं हैं। हिंदू कलेंडर में चार नवरात्र पड़ते हैं। इनमें शारदीय व चैत्र के नवरात्र सामान्य होती है। जबकि माघ महीने व आषाढ़ महीने में पड़ने वाले नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहते हैं। आषाढ़ के नवरात्र में मां दुर्गा के कई स्वरूपों की आराधना के साथ ही तंत्र व मंत्र तथा गोपनीय अनुष्ठान किए जाते हैं, जो रात्रि में होते हैं। गुप्त नवरात्र में साधना पर बल दिया जाता हैं। नवरात्र के नौ दिनों में नौ देवियों के साथ ही दस महाविद्याओं की भी पूजा होती है। इनमें काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी भुवनेश्वरी, छिन्नमस्तका, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी व कमला हैं। आचार्य हरीओम पाठक के अनुसार जो लोग देवी मां की पूजा करते हैं वह ब्रह्मचर्य का पालन करें। व्रत करने वाले फलाहार लें और माता-पिता का विशेष रूप से सम्मान करें। नियम संयम बरतें और जप व साधना करें।