शनिवार को उन्नाव गेट मुक्तिधाम पर आधुनिक विद्युत शवदाह गृह के भूमि पूजन
को अतिथि पहुंच गए, मगर वहां तैयारियां नहीं थीं। अव्यवस्थाओं से नाराज
होकर महापौर व नगर विधायक ने अफसरों की जमकर क्लास ली। बाद में आनन- फानन
में तैयारियां की गईं। दोबारा पहुंचे अतिथियों ने शव दाह गृह का भूमि पूजन
किया।
उन्नाव गेट बाहर नगर के वार्ड क्रमांक 37 में शवदाह गृह का भूमि
पूजन पूर्वाह्न 11 बजे प्रस्तावित था। भूमि पूजन मेयर किरण वर्मा व नगर
विधायक रवि शर्मा को करना था। वह समय पर पहुंच भी गए थे। लेकिन, मौके पर
किसी तरह की व्यवस्था नहीं थी। यहां तक कि पूजन सामग्री का भी अभाव था। इस
अव्यवस्था पर नगर विधायक भड़क गए। उन्होंने वहां मौजूद नगर निगम के
कर्मचारियों की क्लास ले डाली। विधायक व मेयर बगैर भूमि पूजन किए ही वापस
लौट गए। इसके बाद सक्रिय हुए नगर निगम के अमले ने तत्काल भूमि पूजन की सारी
तैयारियां कीं। दोपहर दो बजे विधायक व मेयर ने विद्युत शवदाह गृह का भूमि
पूजन किया। पूजन पं. बृजकिशोर हरभजन भार्गव ने कराया।
इस मौके पर नगर
निगम के मुख्य अभियंता आर के वर्मा, अधिशासी अभियंता अतर सिंह, सहायक
अभियंता आर के सिंह, जेई मन्नूलाल त्रिपाठी, पार्षद अशोक पलया, लखन कुशवाहा
समेत उन्नाव गेट मुक्तिधाम उद्धार समिति के अध्यक्ष सरदार वीर सिंह,
प्रदीप नगरिया, राजू बुकसेलर, दीपेंद्र ठाकुर, संतोष प्रधान, संतोष
समाधिया, विधायक प्रतिनिधि अरविंद श्रीवास्तव, ओमबिहारी भार्गव, विवेक
परिहार, हेमंत पचौरी, अभिषेक साहू, मुकेश अग्रवाल, बृजेश उपाध्याय मौजूद
रहे। संचालन दीपेंद्र ठाकुर व आभार अभिषेक साहू ने जताया।
1.48 करोड़ से होगा तैयार
झांसी।
बुंदेलखंड के पहले विद्युत शवदाह गृह के निर्माण पर नगर निगम द्वारा 1.48
करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है। इसके लिए उन्नाव गेट मुक्तिधाम
में सात गुणा पंद्रह मीटर के एक हॉल का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें
मशीनें स्थापित की जाएंगी।
निर्बाध होगी विद्युतापूर्ति
झांसी।
शव के क्रियाकर्म में परेशानी न हो, इसके लिए विद्युत शवदाह गृह में 24
घंटे विद्युत की निर्बाध आपूर्ति रहेगी। मेयर किरण वर्मा ने बताया कि शवदाह
गृह के लिए सूती मिल सब स्टेशन से अलग से लाइन डाली जाएगी।
लावारिस लाशों का नि:शुल्क होगा क्रियाकर्म
झांसी।
आधुनिक विद्युत शवदाह गृह में लावारिस लाशों का क्रियाकर्म नि:शुल्क किया
जाएगा। जबकि, अन्य को शुल्क देना होगा। मेयर ने बताया कि शुल्क लकड़ी के
खर्च के बराबर ही लिया जाएगा। हालांकि, इसका निर्धारण नगर निगम द्वारा किया
जाएगा।