चिरगांव(झांसी)। थाना क्षेत्र के जुगयाना मुहल्ले में पड़ोसी से विवाद में युवक संजय को मारपीट और गला दबाकर घायल कर दिया। वह रात भर वहीं पर पड़ा रहा। सुबह लोगों ने उसे गली में ही पड़ा देखा तो माता-पिता को सूचना दी। गरीब माता-पिता उसे हथ ढेले से लेकर सबसे पहले थाने पहुंचे। वहां पर पुलिस ने उसकी हालत देख तुरंत ही अस्पताल ले जाने को कहा। इसके बाद माता-पिता हथ ठेले से ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां पर डॉक्टर ने देखकर उसे मेडिकल कालेज के लिए रिफर कर दिया। इसके बाद माता-पिता वाहन से उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां पर भी डॉक्टरों ने इलाज करने में देरी की। गरीब माता-पिता इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे। इसके बाद युवक ने दम तोड़ दिया। पिता सुरेश योगी ने बताया कि बुढ़ापे में बेटा ही उन लोगों का सहारा था। पड़ोसी ने उसकी भी जान ले ली। पिता ने बताया कि उसका गला बहुत सूजा थी। इसकी वजह से उससे बोला भी नहीं जा रहा था। परिजनों का कहना है कि अगर उसे इलाज मिल जाता था तो शायद बच सकता था। संजय को घायल अवस्था में उसके माता-पिता पहले हाथ ठेले से चिरगांव थाने लाए फिर उसे अस्पताल लेकर गए। इसमें ही एक घंटे से अधिक का समय लग गया था। अस्पताल से ही उसे सीधा रिफर कर दिया गया। वहां पर भी उपचार नहीं किया गया। माता-पिता का कहना है कि अगर डॉक्टर समय से उसका इलाज कर देते तो शायद उसकी जान बच जाती। थानाध्यक्ष वीरेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों पर और धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।