झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा (प्रथम) की अदालत ने दादी को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतारने वाले पोते को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि 26 जुलाई 2016 को गुरसराय के ग्राम सरसेड़ा के चौकीदार दीनदयाल ने गुरसराय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया था कि गांव के पुष्पेंद्र अहिरवार ने अपनी दादी हल्की बाई (75) की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी है। दादी को बचाने आई अपनी चाची सुनीता को भी घायल कर दिया। चौकीदार की सूचना पर सिपाहियों ने पुष्पेंद्र अहिरवार को घटनास्थल से ही पकड़ लिया था।
चौकीदार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पोते के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त पुष्पेंद्र अहिरवार को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसका भुगतान न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 307 में 10 साल के सश्रम के कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसे अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
गवाह पलटे पर सजा से नहीं बचा सके
झांसी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि इस मुकदमे की मुख्य गवाह घटना में घायल चाची सुनीता मुकदमे के दौरान गवाही से पलट गई थी। इसके अलावा अन्य परिजनों ने भी अपने बयान बदल दिए थे। न्यायालय ने साक्ष्य व अन्य सुबूतों के आधार पर अभियुक्त को सजा सुनाई।