विकास भवन में आयोजित बैठक में मौजूद डीएम शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे व अन्य अधिका?
- फोटो : REPORTERS
झांसी। निराश्रित गोवंशों को रखने के लिए ग्राम सभा से प्रस्ताव पास कराकर अस्थाई गो-आश्रय स्थल बनवाए जा सकते हैं। वहां चारा-पानी की भी व्यवस्था की जा सकती है। यह बात जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला गो-संरक्षण समिति समेत अन्य कार्यों की समीक्षा के दौरान कही। कहा, निराश्रित गोवंश की समस्या का निराकरण किसानों के माध्यम से संभव है। इयर टैगिंग गोवंश पालन करने वालों को हर माह 900 रुपये देने की बात कही।
जिलाधिकारी ने पशु चिकित्सकों को आश्रय स्थलों की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए। ठंड से बचाव के लिए तिरपाल के अलावा नियमित अलाव जलवाने के निर्देश दिए। गोवंश की मुत्यु होने पर उसकी तत्काल अंतिम क्रिया कराने को कहा। उन्होंने सभी विकासखंड के गांव स्तर पर गो संरक्षण समिति गठित करने की जरूरत बताई। साथ ही इनका पूरा रिकॉर्ड रखने को कहा। पशु चिकित्साधिकारी डॉ.वाईएस तोमर के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में 116 अस्थाई एवं नगरीय क्षेत्र में 15 आश्रय स्थल चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में 15765 गोवंश रखे गए हैं। इनके रखरखाव के लिए 9 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई। इसमें 6.50 करोड़ रुपया खर्च हो चुका। बैठक में सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे, डॉ.गजेंद्र निगर, एसडीएम सदर संजीव मौर्या समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।