झांसी। पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही गांव की राजनीति जोर पकड़ने लगी। निवर्तमान प्रधानों को चुनौती देने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों ने मतदाताओं में सेंध लगाने की रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी। गांवों में एक-एक वोट के लिए रणनीति तय होनी शुरू हो गई है। अब गांव की चौपाल चुनावी अखाड़े में तब्दील हो रही है।
जनपद की सभी 496 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल आधी रात से खत्म हो गया। कार्यकाल खत्म होने के साथ ही ग्राम प्रधानों के डोंगल भी जमा करा लिए गए। अब वह पंचायत संबंधी न कोई कार्य करा सकेंगे न कोई भुगतान कर सकेंगे। उधर, चुनावी तिथि की स्थिति बहुत साफ नहीं है, फिर भी ग्रामीण इलाकों में चुनावी राजनीति गर्माना शुरू हो चुकी। अधिकांश निवर्तमान प्रधान चुनावी मैदान में उतरने को ताल ठोंक रहे हैं। उनको चुनौती देने के लिए विपक्षी भी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। कार्यकाल खत्म होने के साथ ही प्रधानों के तेवर पहले के मुकाबले नम्र हो गए जबकि विपक्षी अधिक अक्रामक हो उठे हैं। गांव के भीतरी इलाकों में बैनर, पोस्टर नजर आने लगे। सुबह-शाम जुटने वाली गांव की चौपालों में उम्मीदवार अपनी हाजिरी लगाना नहीं भूल रहे। उम्मीदवारों ने मतदाता सूची के लिहाज से अपने वोटर भी गिर रहे हैं। इन सबके बीच अभी उम्मीदवारों का आरक्षण का बेसब्री से इंतजार है। सीटों का आरक्षण तय होने के बाद ही सही मायनों में उम्मीदवारी भी साफ होगी लेकिन, जब तक आरक्षण तय नहीं हो रहा, तब तक सभी अपने को उम्मीदवार मानकर ही गांव-गांव घूमना शुरू कर चुके हैं।
प्रशासकों की नहीं हो सकी तैनाती
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल आधी रात को खत्म होने केसाथ ही उनके डोंगल डि-एक्टिवेट कर दिए गए लेकिन, पंचायती राज विभाग की ओर से प्रशासकों की तैनाती नहीं की जा सकी। इसको लेकर पंचायतों में पूरे दिन ऊहापोह चलता रहा। शासन ने अभी तक सिर्फ सहायक विकास अधिकारियों से नीचे स्तर के किसी अधिकारी को प्रशासक न बनाने के निर्देश दिए हैं लेकिन, किसको प्रशासक बनाया जाए, यह स्थिति साफ नहीं की। इस वजह से कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक तैनात नहीं किए जा सके। पंचायती राज अफसर भी इस बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं बोल रहे।
आज तैयार होगी नामावलियों की कंप्यूटराइज्ड सूची
पंचायत चुनावों को लेकर मतदाता सूची बनाने का काम करीब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मतदाता सूची में नाम जोड़े जाने के बाद शनिवार को नामावलियों की कंप्यूटराइज्ड सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 27 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 28 दिसंबर से 3 जनवरी तक दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण, 4 से 11 जनवरी तक आपत्ति निस्तारण के बाद पूरक सूची की तैयारी एवं उसके बाद 22 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
भुगतान कराने को परेशान रहे प्रधान
आज कार्यकाल का आखिरी दिन होने के नाते प्रधान अपने लंबित भुगतान कराने के लिए जी-जान से जुटे रहे। जहां सचिव एवं ग्राम प्रधान की सहमति रही वहां लंबित मामले निपट गए जबकि बड़ी संख्या में पंचायतें ऐसी भी रही जहां आखिरी दिन सचिव ने किसी भी तरह के भुगतान से इंकार कर दिया। ऐसे में निवर्तमान प्रधान की क्रेडिट भी दांव में लग गई।