झांसी। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक चुनाव में मतदाता बनने की न्यूनतम योग्यता स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है लेकिन, इसके बावजूद गलत तरीके से वोट अंकित करने से हजारों वोट अवैध घोषित करने पड़ गए।
नियमों के मुताबिक बूथ में मौजूद कलम से ही मनपंसद उम्मीदवार के सामने वरीयता के मुताबिक निशान बनाने थे लेकिन, मतगणना के दौरान यह बात सामने आई कि बड़ी संख्या में मतदाताओं ने इन नियमों की परवाह ही नहीं की। तमाम मतदाताओं ने बूथ में मौजूद पेन का इस्तेमाल न करते हुए अपने पास मौजूद पेन से ही निशान बना दिए। इस वजह से उनके वोट अवैध घोषित करना पड़ा। कुछ मतदाताओं ने प्रथम वरीयता का निशान एक साथ कई उम्मीदवारों के सामने बना दिया। कई मतदाताओं ने अपने मनपंसद उम्मीदवार के सामने गलत चिह्न अंकित कर दिए। इस वजह से भी उनके मत अवैध घोषित किए गए। सबसे अधिक विवाद उन मतपत्रों को अवैध घोषित करने के दौरान हुआ, जिन्होंने बाक्स की लकीर को छूते हुए चिह्न बनाए थे। इस तरह से खारिज हुए मतपत्रों का खामियाजा भाजपा, सपा के साथ कांग्रेस को भी भुगतना पड़ा हालांकि इस दौरान इन मतपत्रों को अवैध घोषित करने के दौरान दोनों ही दलों के कार्यकर्ता के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पहले चरण में जहां कुल 7000 वोटों में 617 वोट अवैध घोषित किए गए वहीं, दूसरे राउंड में 400 वोट अवैध घोषित हुए। तीसरे चरण तक यह संख्या बढ़ कर 1732 तक पहुंच चुकी है।
एक-एक वोट पर रही निगाह, कई दफे भिड़ गए कार्यकर्ता
झांसी। एक-एक वोट पर भाजपा-सपा कार्यकर्ताओं ने निगाहें जमा रखीं थीं। सबसे अधिक विवाद मत को अवैध करार देने के दौरान हुआ। कई मत गलत तरीके से वरीयता क्रम अंकित कर देने से हो गए। भाजपा उम्मीदवार को मिले वोट के खारिज होते ही भाजपा कार्यकर्ता हंगामा शुरू कर देते। वहीं, सपा कार्यकर्ता अवैध करने का समर्थन करने लगते। अगर सपा को मिला वोट अवैध घोषित होता तब सपा कार्यकर्ता आपत्ति जताते। एक-एक वोट अवैध घोषित करने में चुनाव अधिकारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस वजह से कार्यकर्ताओं के बीच कई बार नोंकझोंक भी हुई हलांकि अफसरों ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।